महाराष्ट्र में BJP के साथ ‘खेला’! शिंदे और अजीत पवार के पार्षदों ने भाजपा को दिखाया बाहर का रास्ता
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मुंबई :- ठाणे की अंबरनाथ नगरपालिका में दो दिन पहले कांग्रेस के 12 पार्षदों को तोड़कर शिवसेना (शिंदे) को बाहर का रास्ता दिखानेवाली भाजपा को आज मुंह की खानी पड़ी है। कल तक भाजपा को समर्थन देने वाले अजीत पवार के चार पार्षदों ने आज 27 पार्षदों वाली शिवसेना के साथ आकर भाजपा को हो बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब सत्ता के लिए कांग्रेस से गठजोड़ का कलंक सहकर भी अंबरनाथ नगरपालिका में भाजपा को सत्ता से बाहर ही रहना पड़ेगा।
कैसे भाजपा का दांव पड़ा उलटा
60 सदस्यों वाली अंबरनाथ नगरपालिका में दो दिन पहले ही 14 सदस्यों वाली भाजपा ने सत्ता में आने के लिए कांग्रेस के 12, राकांपा के चार एवं एक निर्दलीय पार्षद को साथ लेकर अंबरनाथ विकास आघाड़ी का गठन कर लिया था।
इस प्रकार भाजपा ने स्वयं बहुमत का आंकड़ा जुटाकर राज्य से केंद्र तक की सत्ता में अपनी साझीदार शिवसेना (शिंदे) के हाथ से सत्ता छीन ली थी। जबकि शिवसेना 27 सीटें जीतकर अंबरनाथ में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी।
भाजपा के इस पैतरें को सभी दलों ने ‘अनैतिक’ करार दिया था। जब कांग्रेस ने भाजपा के साथ गए अपने 12 पार्षदों को निलंबित किया, तो भाजपा ने गुरुवार को उन सभी को अपने साथ शामिल कर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली थी।
अजीत पवार के पार्षदों ने शिवसेना को दिया समर्थन
लेकिन 24 घंटे के अंदर ही अंबरनाथ की राजनीति में एक नया मोड़ आता दिखा, जब अंबरनाथ में किंगमेकर की भूमिका निभा रहे उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के चार पार्षदों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 27 पार्षदों को समर्थन देने की घोषणा कर दी। एक निर्दलीय पार्षद भी शिवसेना के साथ आ गया।
इस प्रकार शिंदे गुट को 60 सदस्यों वाली नगरपालिका में स्पष्ट बहुमत मिल गया, और भाजपा को कांग्रेस पार्षदों को अपने में शामिल करने के बाद भी मुंह की खानी पड़ी है। बता दें कि इस चुनाव नगरपालिका का अध्यक्ष भाजपा का चुना गया है। लेकिन अब बहुमत शिवसेनानीत गठबंधन के हाथ में रहने के कारण उसके नगराध्यक्ष की ताकत नगण्य हो जाएगी।
अंबरनाथ में हुए इस घटनाक्रम की भांति ही परली नगर निगम चुनाव में फ्लोर लीडर चुनते समय भी शिवसेना, राकांपा और एआईएमआईएम ने हाथ मिलाकर भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। परली नगरनिगम में कुल 35 सीटें हैं।
AIMIM से भाजपा ने बनाई दूरी
यहां 16 पार्षद राकांपा के, शिवसेना (शिंदे) के दो, भाजपा के सात, एआईएमआईएम के एक, राकांपा (शरदचंद्र पवार) के दो और कांग्रेस का एक पार्षद चुनकर आया है। हालांकि परली में भाजपा, शिवसेना और राकांपा ने मिलकर नगरनिगम चुनाव लड़ा था। वहां नगर अध्यक्ष भी सबकी सहमति से राकांपा का ही चुना गया था।
लेकिन फ्लोर लीडर का चुनाव करते समय भाजपा के सात सदस्य इस गठबंधन से बाहर हो गए और एआईएमआईएम का एक सदस्य इसमें शामिल हो गया। माना जा रहा है कि अकोट नगरपरिषद में एआईएमआईएम से गठबंधन कर आलोचना झेल रही भाजपा वह गलती दोहराना नहीं चाहती थी। इसलिए उसने उस गठबंधन से दूरी बना ली है, जिसमें एआईएमआईएम भी शामिल है।
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