सड़क दुर्घटना पीड़ितों के नगदी रहित उपचार हेतु पुलिस लाइन सभागार में संगोष्ठी
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– हिट एंड रन योजना तथा राहगीर योजना पर भी परिचर्चा
फर्रूखाबाद :- पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक संगोष्ठी की गई, जिसमें जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी तथा थाना अध्यक्ष उपस्थित रहे संगोष्ठी में एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत तथा जिला रोल आउट मैनेजर दीपक कुमार द्वारा भी प्रतिभाग किया गया।
एआरटीओ ने बताया कि सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जानी है जिसके अंतर्गत घायलों को 7 दिन तक के लिए 1.50 लाख तक का इलाज मुफ्त कराया जाएगा, इसके लिए चिकित्सा विभाग तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है ।कैशलैस ट्रीटमेंट की प्रक्रिया के संबंध में पीपीटी के माध्यम से रोल आउट मैनेजर दीपक कुमार द्वारा विवरण प्रस्तुत किया गया।
एआरटीओ द्वारा राह-वीर योजना की जानकारी देते हुये बताया गया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दिनांक 21-04-2025 से राह-वीर योजना प्रारम्भ की गयी है, जो 31-03-2026 तक प्रभावी रहेगी। इस योजना के अन्तर्गत घातक दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के उपरान्त एक घण्टे (गोल्डन ऑवर) के अन्दर अस्पताल पहुंचाने से रू0 25000/- के पुरस्कार का प्राविधान है। घातक दुर्घटना में बड़ी सर्जरी, न्यूनतम तीन दिन अस्पताल में रहना, मस्तिष्क की चोट रीढ़ की हड्डी की चोट एवं इलाज के दौरान घायल की मौत सम्मिलित है। राहवीर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मृतकों की संख्या में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।
एआरटीओ द्वारा बताया गया कि हिट एण्ड रन मोटर दुर्घटना के पीड़ितों के लिये मुआवजा योजना-2022 केे अन्तर्गत अज्ञात वाहन से घटित सड़क दुर्घटना में मृत्यु की दशा में रू0 2.00 लाख तथा गम्भीर रूप से घायल होने की दशा में रू0 50 हजार के मुआवजा का प्राविधान है। मुआवजा प्राप्ति हेतु प्रारूप-1 में आवेदन पत्र दुर्घटना स्थल के उप जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष मृतक के वारिस अथवा गम्भीर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है, आवेदन पत्र के साथ दावाकर्ता की आधार कार्ड की प्रति, बैक खाता पासबुक की प्रति, एफआईआर की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति/इलाज के साक्ष्य तथा प्रारूप-4 में वचनबन्ध संलग्न किया जायेगा। आवेदन में उस अस्पताल/चिकित्साधिकारी का नाम लिखा जायेगा, जिसने क्षतिग्रस्त/मृत व्यक्ति की देखभाल की। इसके साथ ही दावाकर्ता का नाम व पता आदि आवेदन पत्र में भरा जायेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में हिट एण्ड रन की 109 दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें 89 व्यक्तियों की मृत्यु हुई हैं तथा 81 व्यक्ति घायल हुये हैं।
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