अब फर्क नहीं बेटा-बेटी का! नवजात के स्वागत का अनोखा जश्न, लोग बोले- यही है नया भारत
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कायमगंज / फर्रूखाबाद :- बदलते दौर की सोच और समाज में आती सकारात्मकता की तस्वीर इन दिनों नगर के मोहल्ला सधवाड़ा में साफ देखने को मिल रही है। कभी बेटा-बेटी के भेद से जुड़ी मानसिकता अब पीछे छूटती नजर आ रही है और नवजात के रूप में बेटी के जन्म पर भी उतनी ही खुशियां मनाई जा रही हैं, जितनी बेटे के आने पर।
लक्ष्मी स्वरूप मानी जाने वाली बेटियों के स्वागत में परिजन अस्पताल परिसर से ही जश्न शुरू कर रहे हैं कहीं सजी-धजी कारें, डेकोरेशन के साथ न्यू बॉर्न बेबी को सेलिब्रेट कर घर ले जाया जा रहा है। खास बात ये है कि इस सेलिब्रेशन में चाहे बेटा हो या बेटी कोई भेद नहीं है। 
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष सुबोध गुप्ता उर्फ मंसाराम के बड़े भाई सत्य प्रकाश उर्फ सुल्ताना – बेबी के बेटे विशाल की पत्नी दुर्गा ने पांच फरवरी को फर्रूखाबाद के एक निजी हॉस्पिटल में कन्या को जन्म दिया था। जिसके बाद प्रथम संतान कन्या रूपी लक्ष्मी के आगमन की खुशी में पूरे परिवार में खुशी का माहौल छा गया। हॉस्पिटल से प्रसूता को छुट्टी मिलने संजी धंजी कार पर सवार कन्या का नगर में प्रथम आगमन होने पर पुलिया पुल ग़ालिब से बैंड बाजों के साथ तहसील, काजम खां, बजरिया श्यामा गेट, होते हुए सधवाड़ा अपने घर पहुंची।
जहां पर कन्या का पुष्प वर्षा, आतिशबाजी, बैंड बाजों के साथ जश्न मनाया गया। जो पूरे नगर में चर्चा का विषय बना हुआ। सभी लोग कह रहे थे बेटी की खुशी में इतना जश्न तारीफे काबिल है।
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