नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे 9616953133 / 8318645910,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , एआई शिखर सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन, अदालत ने युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा – V News Live24

V News Live24

Latest Online Breaking News

एआई शिखर सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन, अदालत ने युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

पुलिस का दावा है कि हिरासत में पूछताछ का उद्देश्य विरोध प्रदर्शन के पीछे की ‘षड्यंत्र’, धन के स्रोत और आरोपियों द्वारा पहनी गई टी-शर्टों की छपाई के स्थान का पता लगाना है।

दिल्ली की अदालत ने शनिवार (21 फरवरी, 2026) को भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के चार कार्यकर्ताओं की पांच दिन की पुलिस हिरासत की अनुमति दी, जिन्हे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में एआई इम्पैक्ट समिट स्थल पर “शर्ट उतारकर” प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

पटियाला हाउस कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि ने बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, बिहार से आईवाईसी राज्य सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश से आईवाईसी राज्य अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।

आरोपियों की हिरासत की मांग करते हुए अपनी याचिका में पुलिस ने तर्क दिया कि उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रविरोधी नारे लगाए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी।

पुलिस ने इस कृत्य को ‘गंभीर’ दुर्व्यवहार बताते हुए कहा कि इसमें पुलिस को रोकने का प्रयास किया गया था, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने आगे दावा किया कि आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद करने के लिए उनकी हिरासत आवश्यक थी। पुलिस ने यह भी दावा किया कि हिरासत में पूछताछ का उद्देश्य विरोध प्रदर्शन के पीछे की ‘षड्यंत्र’, धन के स्रोत और आरोपियों द्वारा पहनी गई टी-शर्टों की छपाई के स्थान का पता लगाना था।

आईवाईसी कार्यकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील ने पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के अनुरोध का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि गिरफ्तार युवक एक राजनीतिक दल से जुड़े थे और उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया था। उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी से ‘लोकतंत्र की गरिमा को बहुत ठेस पहुंची है’।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

[responsivevoice_button voice="Hindi Male"]