सात माह बाद मिला लापता युवक का शव, दोस्त ही निकला हत्यारा , पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालिया निशान
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फर्रुखाबाद / अमृतपुर :- थाना क्षेत्र में सात माह पहले लापता हुए युवक का कंकाल बुधवार को बरामद हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। वहीं भीड़ पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रही थी।
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गांव गुजरपुर पमारान निवासी ओमवीर पुत्र पेशकार राठौर 20 जुलाई 2025 की शाम करीब सात बजे घर से निकले थे। परिजनों के अनुसार, गांव का ही रामू यादव उन्हें घर से बुलाकर ले गया था, जिसके बाद ओमवीर वापस नहीं लौटे। शुरुआत में ओमवीर की मां राजेश्वरी ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
पत्नी ने दोस्त व अन्य पर कराया था मुकदमा दर्ज
गुमशुदी के बाद ओमवीर की पत्नी धर्मशीला ने 31 अगस्त 2025 को थाना अमृतपुर में रामू यादव सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमे में रामू यादव पुत्र अजय पाल, देवेंद्र यादव पुत्र जाहर सिंह, गुलाब सिंह उर्फ तिलक पुत्र फकीरे यादव, सुरजीत यादव पुत्र अजय पाल, श्यामवीर पुत्र कन्हैया लाल और बंटी उर्फ रामऔतार पुत्र मलखान को आरोपी बनाया गया था।
पुलिस कार्यवाही करती तो ओमवीर जिन्दा मिल सकता था ?
पीड़ित परिवार का आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई की होती तो ओमवीर की जान बचाई जा सकती थी। पत्नी धर्मशीला पिछले कई महीनों से न्याय के लिए थाने से लेकर मुख्यमंत्री दरबार तक गुहार लगाती रहीं । तहसील समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक से न्याय की मांग करते उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।मंगलवार रात थाना अमृतपुर प्रभारी रक्षा सिंह के नेतृत्व में एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी रामू यादव को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर बुधवार सुबह फर्रुखाबाद बदायूं मार्ग स्थित एक मक्के के खेत में जेसीबी से खुदाई कराई गई। करीब 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गड्ढे से युवक का कंकाल बरामद हुआ।

पुलिस ने मौके से कंकाल के साथ एक तौलिया, चप्पल और शर्ट भी बरामद की है। फॉरेंसिक टीम के सदस्य रविकांत, सचिन और यशनन्दन ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य और नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस के द्वारा शव का पंचनामा की कार्यवाही की जा रही है।घटनास्थल पर भारी भीड़ जुटने के चलते कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना फतेहगढ़, थाना राजेपुर सहित कई थानों की पुलिस तैनात रही। कार्रवाई के दौरान एसओजी प्रभारी सचिन चौधरी, हेड कांस्टेबल चंद्रशेखर, करन सिंह यादव, तेज प्रताप सिंह, कांस्टेबल विकास, सौरभ, धर्मेंद्र, दिव्यांशु, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक संत कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर अमित शर्मा, हेड कांस्टेबल संदीप राव, अनुराग कुमार, मयंक दीप, सचिन्द्र चौहान व कांस्टेबल राहुल शर्मा मौजूद रहे।
मृतक ओमवीर के परिवार में दो भाई राजवीर और राहुल तथा तीन बहनें हैं, जिनमें करिश्मा देवी सहित दो की शादी हो चुकी है। उनके पिता की वर्ष 2015 में सर्पदंश से मृत्यु हो चुकी है। ओमवीर गांव में साइकिल की दुकान चलाते थे और उनकी शादी शाहजहांपुर जनपद के अर्जुनपुर बर मौला निवासी रामनिवास की पुत्री धर्मशीला से हुई थी। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मामले में पुलिस कार्रवाई में हुई ढिलाई को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा क्षेत्राधिकारी से रिपोर्ट तलब की गई है। लापरवाही में संलिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
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