हरे पेड़ों का हो रहा कटान, अधिकारी बन रहे अंजान
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कायमगंज / फर्रूखाबाद :- शासन से लेकर प्रशासन तक पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण कराने का प्रयास कर रहा है। वहीं, कुछ लोग धड़ल्ले से बिना किसी डर के हरे फल व छायादार पेड़ों का कटान कर रहे है और उन्हें वाहन में भरकर आरा मशीनों पर ले जा रहे हैं। हरे पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंखें बंद किए बैठे हैं।
कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के गांव मीरपुर (वरझाला)में भी पेड़ों का कटान अवैध रूप से किया जा रहा है, लेकिन सूचना के बाद भी वन विभाग व कोतवाली पुलिस के अधिकारी भी अंजान बने रहे।
देश में पर्यावरण को सुधारने व संतुलित बनाए रखने के लिए देश भर में पांच जून को पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर आम जन के साथ ही सरकारी विभागों द्वारा सैकड़ों की संख्या में पौधरोपण किया जाता है। इसके लिए सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च हो जाते है, लेकिन इसके बाद भी कुछ लोग विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते बिना किसी रोक के हरे पेड़ों का कटान कर रहे है और जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंखें बंद किए बैठे हैं। गुरूवार को तहसील कायमगंज क्षेत्र के गांव मीरपुर टेढ़ीकोन के पास बन रहीं सीसी ब्रिक के पास से गुजरी कच्ची सड़क वाले रास्ते लगे बागों में प्रतिबंधित आम पेड़ों का कटान किया जो रहा था। पेड़ों के कटान होते देख ग्रामीणों ने पुलिस व वन विभाग को मामले की सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया कि सूचना पर पुलिस व कोई भी वन विभाग का अधिकारी नहीं आता है उल्टा लकड़ी माफिया को शिकायतकर्ता के नाम बता दिए जाते हैं। सूत्रों की मानें तो प्रतिबंधित हरे वृक्षों के कटान में वन विभाग व पुलिस एक तय शुदा रकम पहले ही भेज देते हैं इस लिए लकड़ी माफिया धड़ल्ले से हरे वृक्षों का कटान कर रहे हैं।
जहां भारत सरकार पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए पेड़ लगवा रही है वहीं पर्यावरण के कुछ दुश्मन हरियाली को मिटाने पर लगे हैं। ऐसा ही कुछ ठेकेदार चंद पैसों के लालच में हरियाली को मिटाने पर तुले हैं। जब इस सम्बन्ध में वन दरोगा सुरेन्द्र सिंह तोमर से बात की तो उन्होंने बताया कि किसी के द्वारा प्रतिबंधित वृक्ष काटने की परमीशन नहीं ली गई है। मामले की जांच कराकर करवाई की जाएगी।
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