प्यास बुझाने अब नहीं रहे प्याऊ , फ्रीजर के खड़े ढांचे
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
– लोगों की मांग है कि बनाए जाए नए प्याऊ
– कई स्थाई प्याऊ पहले ही खत्म कर दिए गए
– तपती धूप में राहगीरों को पाउच खरीदकर पीना पड़ता है पानी
कायमगंज / फर्रुखाबाद :- गर्मी में लगातार बढ़ रहे तापमान और गर्म हवा के चलते यदि कोई राहगीर अपनी प्यास बुझाना चाहे तो अब उसे प्याऊ नहीं मिल रहे हैं। मजबूर होकर उसे या तो किसी दुकान, होटल जाकर पाउच खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है या फिर चाय-नास्ते की दुकान पर पानी के मिन्नतें करना करना पड़ रहा है। कुछ साल पहले तक नगर समाजसेवियों द्वारा मुख्य मार्गों पर लोगों की सुविधा के लिए प्याऊ बनाकर उनमें पानी भरा जाता था, परंतु लगभग छ:- सात वर्षों से नगर में कहीं भी प्याऊ दिखाई नहीं दे रहे हैं। पक्के निर्माण कर बनाए गए प्याऊ अब बदहाल स्थिति में हैं। उनके नल तोड़ दिए गए हैं। लोगों का कहना है कि दोपहर में अगर पानी पीना हो तो पाउच खरीदना पड़ता है। आज से छ:- सात साल पहले की तरह अगर प्याऊ शुरू किए जाएं तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। नगर के गंगादरवाजा,पुरानी गल्ला मंडी ,बजरिया ,तहसील रोड ,रेलवे रोड,पुलिया पुल ग़ालिब सहित कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पाउच या पानी की बॉटल के लिए भी दूर-दूर तक दुकान दिखाई ही नहीं देती हैं।
जगह – जगह रखे जाएँ मटके
नगर वासियों से जब इस सम्बन्ध में वार्ता कि तो वरिष्ठ नागरिक प्रो रामबाबू मिश्र ने कहा नगर पालिका द्वारा प्याऊ की कमी दूर करने के लिए जगह – जगह चार-चार मटके रखवाकर पानी भरने की व्यवस्था कि जाए जिससे लोगो को ठंडा पानी पीने को मिलेगा और महंगे फ्रीजर के वेफ्जुल खर्चे से निजात मिलेगी !
पानी की गुणवत्ता पर भी हो ध्यान
तेज गर्मी में अगर किसी दुकान पर ठंडा पानी का पाउच मिल जाए तो लोग तुरंत ही उसकी पन्नी काटकर पानी पीने लगते हैं। इस समय लोग न तो उस पर लिखी तारीख देखते हैं और न ही आईएसआई मार्का। दुकानों में बोरी में भरे हुए काफी पुराने पाउच रखे रहते हैं। दुकानदार उन बोरी से पाउच निकाल कर फ्रिज में रखते हैं और वह ही बेचते रहते हैं।
खड़े फ्रीजर के ढांचे, खराब पड़े नल
तहसील के पास स्थित क़स्बा चौकी के गेट पर लगा लगा फ्रीजर पिछले कई दिनों से खराब पड़ा हुआ था , नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा फ्रीजर निकाल लिया गया अब सिर्फ ढांचा ही खड़ा रह गया है ! उसके पास लगा सरकारी हैंडपंप भी खराब पानी दे रहा है जिससे तहसील आने वाले व वहा से गुजरने वाले लोगो पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है !
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space

