अधीक्षक डा विपिन कुमार कायमगंज में देख रहे मरीज, सीएचसी कंपिल की हालत दयनीय
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कंपिल / फर्रुखाबाद :- (रिपोर्टर – गौरब शर्मा ) कंपिल सीएचसी की हालत बहुत की दयनीय है। यहां मरीजों को पीएचसी की भी सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। डॉक्टर न होने से इमरजेंसी सेवा भी ठप है। गंभीर मरीजों को कायमगंज सीएचसी रेफर कर दिया जाता है। यहां ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बेहद कम रहती है। वहीं परिसर में चारो तरफ बड़ी बड़ी घास फैली हुई है।
कस्बे को लगभग 19 वर्ष पूर्व 30 बेड की सीएचसी की सौगात मिली थी। इसमें पांच विशेषज्ञों सहित डॉक्टरों के नौ पद सृजित किए गए। फिजीशियन, सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट सहित नौ डॉक्टर के अलावा डेंटल हाइजिनिस्ट, पैथलाजिस्ट, लैब टेक्नीशियन के अलावा फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय, काउंसलर, एएनएम, स्टाफ नर्स के पद हैं। तब लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते अब उनकी उम्मीदें टूट गई हैं।
हालात यह हैं कि तैनात चिकित्सक विपिन कुमार सीएचसी प्रभारी हैं। सीएचसी में फार्मासिस्ट आयुर्वेद रामबाबू व मनोज कुमार मरीजों को दवाएं देकर उपचार करते मिले। उन्होंने बताया कि यहां अधीक्षक डा विपिन कुमार हैं लेकिन कायमगंज सीएचसी प्रभारी शोभित कुमार उनसे कायमगंज सीएचसी में ही कार्य करवा रहे हैं। संविदा चिकित्सक हिमांशू हैं।
इसके अलावा अस्पताल में डेंटल हाइजिनसिंट कोई नहीं है।एनएम रिंकी , एक भी सफाई कर्मी नहीं है। एक वार्ड ब्वाय पवन एलटी आयुष रिहोटमैन, कर्मचारी रामशंकर कर्मचारी ही तैनात हैं।
अस्पताल में बुखार, खांसी, जुकाम व पेट दर्द के मरीजों को ही उपचार व दवाएं ही मिल पा रहीं हैं। यहां न तो एक्सरे मशीन है और न टेक्नीशियन। पैथोलॉजिस्ट न होने से सामान्य जांचें भी नहीं हो पाती हैं। लैब में ताला लगा रहता है। इससे सीबीसी मशीन धूल फांक रही है। सामान्य दुर्घटना वाले घायलों को भी सीएचसी कायमगंज रेफर कर दिया जाता है। पुलिस को सामान्य मेडिकल के लिए भी कायमगंज सीएचसी जाना पड़ता है।
अस्पताल में न तो महिला डाक्टर है न ही स्टाफ नर्स। इसके बावजूद अस्पताल में प्रसव कराने पर जोर है। एनएम रिंकी सामान्य प्रसव करा देती हैं। गंभीर होने पर गर्भवती को रेफर करना मजबूरी है।
30 बेड की सीएचसी में मात्र पांच बेड ही बचे हैं। जो महिलाओं को प्रसव कराने के लिए रखे गए हैं। इन पर बिछाने के लिए चादरें भी अच्छी नहीं हैं। इससे मरीज अपने घरों से चादर लेकर आते हैं। सूत्रों की मानें तो यहां के 25 बेड कायमगंज सीएचसी को दे दिए गए हैं।
नाम न छापने की शर्त पर नगर वासियों का कहना है कि संविदा चिकित्सक ही सही, कम से कम अस्पताल खुल तो रहा है। भ्रष्ट विभाग के कारण डॉक्टर संविदा पर भी आना ही नहीं चाहते हैं। कई बार शासन को पत्र लिखकर डॉक्टरों की मांग की है। डॉक्टर मिलने पर तैनाती की जाएगी। यही जबाब मिलता है।
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