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दरिंदों ने पांच साल की बच्ची को अपना हवस का शिकार, शव नदी फेंका

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गया में दरिंदों ने पांच साल की बच्ची को अपना हवस का शिकार बनाया और उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।उसके शव को नदी में फेंक दिया. घटना शेरघाटी थाना क्षेत्र की चिताबकला पंचायत की है।

गांव के ही रहने वाले संदीप मांझी व गौतम कुमार ने सोमवार की रात अपनी मां के साथ सो रही मासूम बच्ची को उठा लिया और उसे दूर सुनसान जगह पर ले गया। उसके साथ दुराचार किया।बच्ची जब रोने और चिल्लाने लगी, तो उसकी हत्या कर दी. उसके शव को चिताप खुर्द व उचिरवां गांव के बीच मोरहर नदी में फेंक दिया। बच्ची की बड़ी बहन गांव में किसी आयोजन में गयी हुई थी. वह जब घर लौटी और अपने माता-पिता के साथ छोटी बहन को नहीं देखी, तो उसने अपनी मां और बाप दोनों से पूछा। इसके बाद परिवार वालों के होश उड़ गये।बच्ची को खोजने लगे।

बच्ची मां के साथ घर के बाहर जमीन पर चटाई पर सोई थी

गांव में हल्ला हो गया कि बच्ची गायब है. गांव के लोग भी बच्ची को ढूंढने लगे। तभी लोगों ने अंधेरे में संदीप को देखा। उससे ग्रामीणों ने पूछताछ की, तो उसने लोगों के सवाल का उल्टा जवाब दिया।इसके बाद गांव के लोगों को संदेह हुआ।लोगों ने उसे लप्पड़ – थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। जब उसे लोगों पीटना शुरू किया, तो कहा कि बच्ची की हत्या कर उसने नदी में फेंक दिया है।इसके बाद लोग उसे लेकर नदी में पहुंचे, तो देखा कि बच्ची का निर्वस्त्र शव पानी में तैर रहा है। ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला, तो देखा कि बच्ची की मौत हो चुकी है। इस दौरान आरोपित ने गांव के ही एक और युवक के बारे में बताया और कहा कि हम दोनों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।घटना की जानकारी मिलते ही शेरघाटी थानाध्यक्ष अजीत कुमार, आमस थानाध्यक्ष व गुरुआ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी। एएसपी के रामदास ने भी मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया।

दोषियों को फांसी की सजा मिले: महिलाएं

इधर, बच्ची के साथ हुई घटना के बाद आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गयी।लोगों ने इस प्रकार की जघन्य घटना को अंजाम देने वाले दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। लोगों ने कहा कि जिस प्रकार अपनी मां के साथ सो रही मासूम बच्ची के साथ दरिंदों ने दुराचार किया है, वैसे लोगों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि, आने वाले दोनों में दोबारा इस प्रकार की घटना की पुनरावृति नहीं हो।जिस प्रकार छोटी बच्ची के साथ दुराचारियों ने घटना को अंजाम दिया है, यह अपराध की श्रेणी में ही नहीं, बल्कि पाप की श्रेणी में आता है।

बच्ची घर में सोई होती, तो घटना नहीं होती: ग्रामीण

पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि गर्मी अधिक रहने के कारण बच्ची अपनी मां-पिता के साथ घर के बाहर चटाई बिछाकर जमीन पर सोई हुई थी। दलित परिवार के लोग दिनभर काम कर आते हैं। इसके बाद गहरी नींद में सोये थे। दरिंदे ने इसी बात का फायदा उठाकर पांच साल की मासूम को उठा लिया और उसके साथ घिनौनी घटना को अंजाम दिया।लोगों ने कहा कि बच्ची के परिवार वाले अत्यंत गरीब है।एक ही कमरे में छह बच्चे व माता-पिता रहते हैं। अगर, इनका अपना घर होता और बच्ची अपने घर में सोई होती, तो शायद यह घटना नहीं होती।इधर, घटना के बाद छोटी सी मासूम बच्ची की मां व अन्य परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि मां बच्ची को याद कर बार-बार बेहोश हो रही हैं।इधर, घटना के बाद आरोपित के परिवार वाले घर छोड़कर भाग गये हैं। वहीं घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हैं।इधर, ग्राम पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर ढाढ़स बंधाया एवं कबीर अंत्येष्टि के तहत मिलने वाली राशि परिवार वालों को दिया है।

क्षेत्र विवाद का सीओ ने किया पटाक्षेप

इधर, दो थानों के बीच एक बार फिर क्षेत्र को लेकर विवाद बना रहा। हालांकि, शेरघाटी पुलिस ने शव को अपने में कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गया भेज दिया। लेकिन, क्षेत्र विवाद को समाप्त करने के लिए सीओ को बुलाया गया।स्थिति स्पष्ट हुई कि घटनास्थल आमस थाना क्षेत्र का है। इसके बावजूद शेरघाटी पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की। विदित हो तीन दिन पूर्व इसी घटनास्थल पर नदी में डूबने से एक वृद्ध महिला की मौत हो गयी थी।आमस और शेरघाटी थाना के बीच क्षेत्र विवाद के कारण छह घंटे से महिला का शव पानी में तैर रहा था।हालांकि, शेरघाटी थानाध्यक्ष ने मानवता के नाते लोगों के आग्रह पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

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