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बच्चों के विवाद में पुलिस कर्मी ने गर्भवती महिला को पीटा, सभासद की थानाध्यक्ष से नोकझोंक

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नवाबगंज / फर्रुखाबाद :- मुहल्ला डबौआ निवासी हरिनाथ की पुत्री सुनीता का बुधवार शाम लगभग 7 बजे पड़ोस में रहने वाली बबली पुत्री रामरूप से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बड़ गया कि पुलिस बुलाने की नौबत आ गई। एक पक्ष ने यूपी 112 पर फोन कर विवाद होने की सूचना दी। विवाद की सूचना पाकर पहुंची यूपी 112 पुलिस ने बीच बचाव करने का प्रयास किया। इस दौरान यूपी 112 के एक पुलिस कर्मी ने राजवीर की गर्भवती पत्नी पूनम को मारपीट कर दी।

पूनम को पिटता देख उसे बचाने आई सुनीता को भी पुलिस कर्मी ने मारपीट की। इसकी जानकारी जब गांव के अन्य लोगों को हुई तो विवाद स्थल पर लोगों इकट्ठा हुए और गर्भवती महिला के साथ मारपीट करने का विरोध करने लगे। जिसपर पुलिस कर्मी मौके से चले गए। पुलिस द्वारा पीटे जाने पर महिलाएं परिजनों के साथ थाने पहुंची।

मोहल्ले के सभासद आकाश सिंह ने थाने पहुंचकर थानाध्यक्ष बलराज भाटी से महिला को पीटने वाले सिपाहियों को मौके पर बुलाने की बात कही। तो थानाध्यक्ष ने सिपाही द्वारा मारपीट करने के आरोप को गलत बताया। जिसपर सभासद आकाश सिंह व थानाध्यक्ष की जमकर नोक- झोंक हुई। पुलिस को पूनम पत्नी राजवीर ने पुलिस कर्मियों पर पीटने का आरोप लगाकर तहरीर दी। दूसरी ओर से बबली पुत्री रामरूप ने तहरीर दी। थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने मामले की जांच कर कार्यवाही का भरोसा देकर दोनों पक्षों को घर भेज दिया। लेकिन सभासद द्वारा सिपाहियों को मौके पर बुलाने की बात कही गई थी उसके बाबजूद भी खबर लिखे जाने तक थाना अध्यक्ष बलराज भारी द्वारा पीआरवी के पुलिसकर्मी को थाने पर नहीं बुलाया गया। जिससे महिलाओं द्वारा पीआरवी के पुलिसकर्मी पर लगाया गया आरोप सच साबित हो रहा है।

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