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हम नीलाम हुए घर को ठिकाना नहीं बनाते – मोहिनी

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कायमगंज / फर्रुखाबाद :- भरत मिलाप की ओर से आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कई प्रांतों से आए कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं का काव्यपाठ किया। सीपी सभागार में देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन में काव्यकारों ने अपनी रचनाओं से खूब गुदगुदाया। इस दौरान दर्शक दीर्घा में बैठे श्रोताओं ने भी जमकर तालियां बजाई। दिल्ली के हास्य कवि सुनहरी लाल वर्मा तुरन्त ने सुनाया कि मेरे पिया इलेक्शन हार गए पर लोगों की तालियां थमने का नाम नहीं ले रही थी।
मध्य प्रदेश के इन्दौर से आयी कवियित्री डॉ. भुवन मोहिनी ने अपनी रचना हम नीलाम हुए घर को ठिकाना नहीं बनाते, हम साफ-साफ कहते है, बहाना नहीं बनाते, जिस घर पर गिरी हो बिजली, हम उस खंडहर को निशाना नहीं बनाते…। ममता शर्मा ने सुनाया – नेता गिरा रे चुनाव के बीच बाज़ार में। कवि सम्मेलन में आए हुए लोगों में देशभक्ति की लहर फूक दीं। इसी क्रम में सर्वप्रथम ममता शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कवि सम्मेलन का आगाज किया। इसके बाद रौद्र रस के कवि अशोक अग्नि पंथी शहीदों पर काव्य रचनाएं सुनाई श्रोताओं के सामने कई देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। छत्तीसगढ़ से आए रमेश विश्राहर ने प्रेम रस की मधुर रचना पढ़ी, वहीं देवेश दीक्षित एवम सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे कनौजीभाषा के गीतकार पवन बाथम ने समां बांध दी।रायबरेली से आए नीरज पांडेय ने कुशल संचालन करते हुए कहा कि एक हाथ में गीता एक पिस्तौल जरूरी है। गीता के बिना धर्म नहीं रक्षा के लिए पिस्तौल जरूरी है।
कवि सम्मेलन का मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी रवेंद्र कुमार एवं क्षेत्राधिकारी कायमगंज मौजूद रहे।सत्यप्रकाश अग्रवाल , मिथलेश अग्रवाल, पूर्व विधायक अमर सिंह खटिक ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद आए हुए कवियों को पगड़ी एवं माल्यार्पण कर मुख्य अतिथियों ने स्वागत किया।

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