नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे 9616953133 / 8318645910,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , कलयुग की द्रौपदी जिसे पांच सगे भाइयों से करनी पड़ी शादी, – V News Live24

V News Live24

Latest Online Breaking News

कलयुग की द्रौपदी जिसे पांच सगे भाइयों से करनी पड़ी शादी,

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

आपने महाभारत की द्रौपदी के बारे में तो सभी जानते हैं, कि कैसे संयोग वश द्रौपदी को पाचं पाण्डवो की पत्नी बनना पड़ा था, पर वहीं अगर आज के समय में भी ऐसा किसी लड़की के साथ हो कि उसे पांच भाईयों के साथ शादी करनी पड़े तो ये किसी आश्चर्य कम नहीं होगा, पर उत्तरखण्ड में एक लड़की के साथ ऐसा ही हुआ है।

जी हां, ये आपको सुनने में अजीब लग सकता है पर इस लड़की के साथ भी द्रौपदी की तरह ही कुछ ऐसी मजबूरी थी कि इसे पांच सगे भाईयों से शादी करनी पड़ी, चलिए आपको आज के युग यानी कलयुग की इस द्रौपदी से मिलवाते हैं।हम बात कर रहे हैं, उत्तराखंड में रहने वाली रजो की। 21 साल की रजो पांच सगे भाईयों के साथ विवाहित है, ऐसे में सभी भाइयों के साथ एक जैसा बर्ताव करना पड़ता है। यानी की पत्नी के रूप में उसे अपने हर पति के साथ शारीरिक संबंध भी बनाने पड़ते है। इस तरह रहते हुए रजो की गोद भी भर चुकी है और उसका एक बेटा भी है पर वहीं ये किसी को ये नहीं पता कि वो पांच भाइयों में से किसका अंश है। वैसे उसके पाचों पतियों में इस बात को लेकर कभी तनाव भी नहीं हुआ। बल्कि वे सभी मिलकर रजो और उसके बच्चे की देखभाल करते हैं।

वहीं रजो को ये भी पता है हमारे देश में इस तरह की शादी कानूनन अपराध है पर वो अपनी मजबूरी बताते हुए कहती है कि यहां लड़कियों की संख्या में कमी के चलते ऐसा करना पड़ता है। दरअसल उत्तराखंड और तिब्बत के आसपास के इलाकों में लड़को की तुलना में लड़कियों की संख्या काफी कम है। ऐसे में वहां ये परंपरा है कि लड़की की शादी जिस लड़के से तय होगी उसके भाइयों की शादी भी उसी लड़की से कर दी जाएगी। इसी प्रथा का पालन वहां अधिकांश घरो में होता आ रहा है। चूकि रजो पांच भाईयों के पत्नी के रूप व्याह कर आई, ऐसे में वो कलयुज की द्रौपदी के रूप में जानी जा रही है।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

[responsivevoice_button voice="Hindi Male"]