ब्रह्मदेव मंदिर के बाबा के निधन पर समाधि स्थल को लेकर ग्रामीणों का विरोध, प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद समाधान
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कायमगंज / फर्रूखाबाद :- भटासा गांव में ब्रह्मदेव मंदिर के बाबा के निधन पर मंदिर परिसर में ही समाधि स्थल को लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया तो बाबा पक्ष के शिष्यों ने मंदिर परिसर में ही समाधि स्थल बनाने पर जोर दिया। सूचना पर तहसील प्रशासन पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और वार्ता के बाद मामला सुलझ सका।
क्षेत्र के भटासा गांव में करीब 8 साल से 80 वर्षीय बाबा रामेश्वर गिरि महाराज अपने शिष्य सूरज गिरि, रामआसरे गिरि, शिष्या माया गिरि के साथ ब्रह्मदेव मंदिर परिसर में रहते है। बीते कई माह से बाबा रामेश्वर गिरि की तबीयत खराब होने के कारण उनका इलाज आगरा से चल रहा था। शनिवार को वह इलाज कराकर अपने शिष्यों के साथ आगरा से लौटे थे। देर रात करीब 11 बजे उन्होंने मंदिर परिसर में ही अंतिम सांस ली। उनके अंतिम संस्कार के लिए उनके शिष्यों द्वारा परिसर में ही उनकी समाधि स्थल की व्यवस्था की जा रही थी। इसी बीच गांव के काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मंदिर परिसर में समाधि स्थल बनाने का विरोध किया। ग्रामीणांे का कहना था यह ग्राम पंचायत की जगह है। यहां वर्षाे से मेला लगता है। मंदिर भी है। ऐसे में बाबा का गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया जाए। इसमें वह लोग भी सहयोग करेंगे। इस बात पर बाबा पक्ष के शिष्य राजी नहीं हुए और कहा उनकी समाधि स्थल यही बनेगी। यही प्रक्रिया में है। तभी कुछ अन्य नागा साधू भी आ गए और कहा कि उनकी समाधि स्थल वही बनेगी जहां उन्होंने अंतिम सांस ली है। विरोध बढ़ता देख मामले की जानकारी तहसील प्रशासन को दी गई। सूचना पर तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर, इंस्पेक्टर लाइन आर्डर राजेश सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने मामला शांत कराया और दोनो पक्षों की बात सुनी। तहसीलदार ने कहा कि विवाद से कुछ नहीं निकलेगा। पहले समाधान की बात की जाए। काफी देर वार्ता के बाद तय हुआ कि बाबा की समाधि स्थल मंदिर के पास गांव के समीप बनेगी। तहसीलदार ने बताया दोनो पक्षों में समझौता हुआ कि बाबा की समाधि स्थल मंदिर से कुछ दूरी पर बनेगी।
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