अधिवक्ता संशोधन बिल का विरोध, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
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फर्रुखाबाद / कायमगंज :- जनपद में तहसील सदर , कायमगंज अमृतपुर , न्यायालय के बार एसोशिएशन के अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता संशोधन बिल का विरोध कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार किया ।

मंगलवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया एवं बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के संयुक्त आव्हान पर पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार कर सरकार द्वारा लाए जा रहे अधिवक्ता संशोधन बिल नए कानून का विरोध कर जमकर प्रदर्शन किया विरोध प्रदर्शन के दौरान कायमगंज तहसील एवं जू.डि. न्यायालय के अधिवक्ता सामूहिक रूप से विरोध करते हुए तहसील परिसर से पुल पुलगालिव तक पहुंचे जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की और पुनः तहसील आकर धरने पर बैठे गए। इस दौरान उनके साथ बैनामा लेखक, बशीका आदि साथ रहे, विरोध के चलते दिन भर कोई भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी।

तहसील सदर के अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाल कर तहसील सदर के सभी पटलों कार्य बंद कराया इसी के साथ सब रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर बैनामा रजिस्ट्री नहीं होने दी ।
अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर ‘जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है,काला कानून वापस लो, तानाशाही नहीं चलेगी,अधिवक्ता एकता जिंदाबाद आदि नारे लगाए ।
बाद में अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष अतर सिंह कटियार सचिव अतुल मिश्रा के नेतृत्व में कानून मंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सदर श्रद्धा पाण्डेय को सौंपा।
तहसील सदर बार एसोशिएशन के अधिवक्ताओं द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार द्वारा अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 4, 9 धारा-24ए, 24बी, 26, 35ए, 49ए (1) में विभिन्न आवंछित संशोधन कर व जोड़कर अधिवक्ताओं की स्वायत्तता एवं स्वतंत्रता समाप्त कर अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 प्रस्तावित किया गया है जिस बिल के कानून बन जाने की स्थिति में अधिवक्ताओं के हितों व अधिकारों पर भारी कुठाराघात होगा। सरकार द्वारा हठधर्मिता कर वर्षों से लंबित अधिवक्ता सुरक्षा कानून पारित न कर जानबूझ कर लंम्बित रखा जा रहा है तथा अधिवक्ताओं की आधार भूत समस्याओं अधिवक्ता चेम्बर्स, मेडिकल इन्श्योरेन्स, वरिष्ठ अधिवक्ताओं के पेंशन व नवीन अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता आदि का समाधान नहीं किया जा रहा है बल्कि अधिवक्ताओं को कमजोर व असहाय बनाने का कूट रचित कुचक्र रचा जा रहा है जो किसी स्थिति में औचित्य पूर्ण नहीं है। प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन बिल से अधिवक्तागण पूर्ण आहत है तथा अधिवक्ताओं में काफी रोष व आक्रोश है जिस कारण सम्पूर्ण भारतवर्ष का अधिवक्ता आंदोलित है। प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन बिल तत्काल निरस्त कर अधिवक्ताओं के हित अधिवक्ताओं को आधारभूत सुविधाएँ अविलम्ब में अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू कर हित व स्वतंत्रता के विरुद्ध प्रस्तावित अधिवक्ता उपलब्ध करायी जाये। अधिवक्ताओं के संशोधन बिल 2025 का भरपूर विरोध किया कर रहे हैं अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन सदर फर्रुखाबाद द्वारा तहसीलदार सदर फर्रुखाबाद के माध्यम से माननीय कानून मंत्री भारत सरकार से आग्रह किया है कि प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 निरस्त कर अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू कर अधिवक्ताओं को तत्काल प्रभाव सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस दौरान सचिव अतुल मिश्रा, विकास सक्सेना, देव प्रकाश अवस्थी,ओम प्रकाश दुबे,संजय कटियार, राहुल दीक्षित, अतुल शाक्य,ऋषि श्रीवास्तव, सौरभ सक्सेना, विपिन यादव,कुलदीप त्रिपाठी, हेमराज राजपूत, रविनेश यादव,पंकज राजपूत,अनुज शर्मा,निखिल मिश्रा, रंजन शाक्य,प्रकाश द्विवेदी, रुख मंगल सिंह चौहान,अभिषेल शुक्ला,राजेश वर्मा, अतुल शाक्य,प्रदुम्न गुप्ता,नरेश गुप्ता, वीरेंद्र मिश्रा, पुष्पेंद्र राजपूत, दिलीप सक्सेना आसिफ अली खान, सतेंद्र बाजपेई,अनुराग तिवारी ,संजय कटियार, गोकुलेश सक्सेना,आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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