धूमधाम से मनाई गई संविधान शिल्पी की जयंती
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कायमगंज / फर्रूखाबाद :- संविधान शिल्पी भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर को उनकी जयंती पर अनुयायियों ने उनकी प्रतिमाओं एवं चित्रों पर माल्यापर्ण कर धूमधाम से जयंती मनाई।
नगर एवं गांव के विभिन्न संगठनों के युवाओं ने डीजे की ध्वनि के साथ बाइक जुलूस निकाला। नगर में रथ पर बाबा साहब के सजीव चित्रण की झाकियां निकाली गई। युवा महिलाएं डीजे पर बज रहे बाबा साहब के गानों पर जमकर थिरकती नज़र आई। पूरा क्षेत्र बाबा साहब के नारों से गंजायमय हो रहा था। सभी जुलूस घसिया चिलोली स्थित बाबा साहब की प्रतिमा के पास एकत्र होकर नगर भ्रमण के बाद पुरानी गल्लामंडी स्थित सोसाइटी में आयोजित सभा के रूप में परिवर्तित हो गया। जहां मंच से प्रबुद्ध लोगों ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन संघर्षपूर्ण रहा है उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के बाद देश के संविधान के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया बाबासाहेब ने जीवन भर कमजोर और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक पुनर्जागरण के अग्रदूत और समतावादी समाज के निर्माता थे। अम्बेडकर शिक्षा के माध्यम से समाज के कमजोरों, मजदूरों, महिलाओं आदि को सशक्त बनाना चाहते थे। वह एक राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री, दार्शनिक, और समाज सुधारक थे जिन्होंने भारतीय जाति व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाकर दलित समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी थी हम सभी उनको नमन करते है व याद कर उनके मार्गदर्शन पर चरने की शपथ लेते है इस मौके पर राम सिंह गौतम, सुनीत सिद्धार्थ, विपुल राठौर, रामवीर गौतम, दुर्वेश जाटव,धर्मेन्द्र कश्यप, सुशील राजपूत, शिवम यादव सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने बाबा साहब की प्रतिमाओं पर भिन्न भिन्न स्थानों पर माल्यार्पण किया।
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