राजमाता ने दस हज़ार से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्वार कराया – मिथलेश अग्रवाल
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कायमगंज / फर्रूखाबाद :- रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती भाजपा ने सीपी सभागार में भव्य तरीके से मनाई । कार्यक्रम में महिला स्वयंसेवी संगठनों, स्थानीय निकायों और महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। मंच पर स्थान न मिलने पूर्व FCI अरावली जिप्सम एंड मिनरल्स इंडिया की डायरेक्टर ने अपनी अपनी अपेक्षाओं का रोना रोया।
मुख्य अतिथि भुवन प्रकाश गुप्ता पूर्व जिलाध्यक्ष औरैया ने राजमाता अहिल्या बाई होलकर को अपना आदर्श मानते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील की। सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौंडी गांव में हुआ था। उनके 30 वर्ष के कार्यकाल को सुशासन, न्यायप्रियता, सामाजिक समरसता, धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के कार्यों के लिए जाना जाता है। 
डॉ मिथलेश अग्रवाल पूर्व सदस्य महिला आयोग ने कहा कि राज माता अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ से लेकर सोमनाथ मंदिर तक देशभर के लगभग 10 हजार मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया था। उन्होंने नारी सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और राष्ट्रनिर्माण के लिए अपने जीवन को समर्पित किया है। यूं ही नहीं कोई विश्व विख्यात हो जाता है।
पूर्व विधायक अमर सिंह खटीक ने कहा कि भारत के इतिहास में कई ऐसी वीरांगनाएं हुईं जिन्होंने अपने अद्वितीय शासन और दूरदर्शिता से इतिहास के पन्नों और कहानियों में अमिट छाप छोड़ी। इन्हीं में से एक थीं मालवा की रानी अहिल्या बाई होलकर। उन्हें आज भी एक आदर्श प्रशासिका, न्यायप्रिय शासिका और धर्मपरायण महिला के रूप में याद किया जाता है। हर साल 31 मई को महारानी अहिल्याबाई होलकर की जयंती मनाई जाती है।
कार्यक्रम संयोजक रश्मि दुबे ने कहा कि उन्होंने अपने शासनकाल में बहुत से सुधार किए। जिसमें प्रमुख रूप से बालिकाओं को शिक्षा का अधिकार, नगर का औद्योगिकरण, महिलाओं में सुरक्षा का अधिकार, राष्ट्रहित एवं धर्म संबंधी जन जागरूकता उनके द्वारा विकसित किया गया था। विषम परिस्थितियों में भी अपने राज्य के कार्य को संभालते हुए एक अच्छी महिला प्रशासक के रूप में उनका नाम इतिहास में सम्मान पूर्वक लिया जाता है। अच्छा हुआ आज हम सब को यह सीख मिली कि एक महिला अपने एवं परिश्रम से सब कुछ कर सकती है। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष फतेह चंद्र वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, सुनील रावत, डॉ शरद गंगवार, अमर दीप दीक्षित, नवनीत पाल, देवेंद्र दुबे,कुंवर सिंह, आशीष गुप्ता, सुशील राजपूत,महेंद्र राजपूत ऋषि पाल सिसौदिया आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
मंच पर स्थान न मिलने पर रोया अपेक्षाओं का रोना
मंच पर स्थान न मिलने से नाराज हुईं पूर्व FCI अरावली जिप्सम एंड मिनरल्स इंडिया की डायरेक्टर सरस्वती वर्मा ने मंच पर चढ़कर कहा कि मैं यहां आमंत्रण पर आई थी राजमाता माता के कार्यक्रम में इस तरह से अनदेखी करना उचित नहीं है। जहां नारी को सम्मान नहीं वहां ठहरना उचित नहीं इसके बाद वह सभा स्थल से चली गई।
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