पहले बाढ़ से कटीं सड़कें, अब मरम्मत से कट रहे अधिकारी
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फर्रूखाबाद / अमृतपुर :- गंगा व रामगंगा की बाढ़ में राजेपुर ब्लॉक क्षेत्र की 27 सड़कें कट गई थीं। शासन के फरमान पर जिलाधिकारी ने बाढ़ समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत कराने के आदेश दिए, लेकिन करीब एक माह बीतने के बावजूद अधिकारियों ने सुधि नहीं ली।
इससे बाढ़ पीड़ितों को राह निकलना भी दूभर है। गंगा की बाढ़ समाप्त हुए एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद क्षेत्र की कटी सड़कें अब तक दुरुस्त नहीं कराई गईं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की लापरवाही से ग्रामीण परेशान हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़कें कटी होने से ग्रामीण खेतों से निकलने को मजबूर हैं। गांव तक एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पा रही है।
गांव तीसराम की मड़ैया को जाने वाला मार्ग कई जगह कटा है। इस मार्ग पर पानी भरा होने से राहगीर परेशान हैं। गांव डाड़ीपुर, कुतुलूपुर मार्ग, माखन नगला मार्ग की कई मीटर सड़क कटकर तालाब में तब्दील हो चुकी है। एसडीएम संजय कुमार सिंह ने 19 सितंबर को सड़कों की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी, सचिव मंडी समिति व बीडीओ को पत्र भेजा था। इसके बावजूद सड़कों की मरम्मत शुरू भी नहीं की गई।
बाढ़ से यह सड़कें हैं बदहाल :- क्षेत्र के गांव बलीपटटी मंझा मार्ग, पेट्रोल पंप से नगला हूसा संपर्क मार्ग, कनकापुर को जाने वाला मार्ग, वदनपुर को जाने वाला मार्ग, नेशनल हाईवे के पास गांव गढि़या संपर्क मार्ग, गांव डांडीपुर- भुसेरा मार्ग, गांव तेरा खास मार्ग की मुख्य सडकें क्षतिग्रस्त हैं।
इसके अलावा गांव चित्रकूट-अंबरपुर मार्ग, बहादरपुर मार्ग, कमालुददीनपुर-बहादुरपुर मार्ग, भरखा-भुसेरा से मार्ग, तीसराम की मड़ैया का संपर्क मार्ग, दहिलिया मार्ग, किराचन से पंचम नगला को जाने वाला मार्ग, धनी नगला से आश्रम जाने वाला मार्ग बर्बाद पड़ा है। गांव फकरपुर से करनपुरघाट मार्ग, बनासीपुर से कुड़री सारंगपुर जाने वाली सड़क भी बाढ़ में कटकर क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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