व्यापारी नेताओं ने सुपर मार्केट की आवंटित प्रक्रिया का किया विरोध
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कायमगंज / फर्रूखाबाद :- मंडी समिति पहुंचे उपनिदेशक कानपुर संजय कुमार का व्यापारी नेताओं ने सुपर मार्केट की आवंटित प्रक्रिया का किया विरोध। उपनिदेशक बोले अगर पूर्व में अधिकारी ने गलत आवंटित प्रक्रिया की तो उन्हें भी जाना पड़ सकता है जेल। वहीं सुपर मार्केट के लिए भी कोई भी आवेदन न आने तथा सब्जी मंडी में आठ दुकानों के लिए 12 आवेदन आने के कारण फिलहाल आवंटन प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष संजय गुप्ता व महामंत्री अमित सेठ द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि 2007 में सुपर मार्केट की 25 दुकाने व्यापारियो को किराये पर दी गई थी। 2013 में अचानक सभी व्यापारियों को नोटिस दिये गये कि दुकानें खाली कर दें जिसके विरोध में हम लोग पहले लखनऊ गये, जब लखनऊ सुनवाई नही हुई तब हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हमारा केस तब से आज तक विचाराधीन है 19 दिसम्बर को संजय गुप्ता व सोलह अन्य के द्वारा आबंटन प्रक्रिया को रोकने के लिए हाई कोर्ट में पुन: याचिका दायर की गई है।
जब तक हाईकोर्ट से कोई निर्णय नही हो जाता तब तक आवंटन प्रक्रिया को रोका जाए और बार-बार व्यापारियों को परेशान न किया जाए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मनोज कौशल, संतोष कुमार ,आशुतोष पाठक,राजाराम सक्सेना आदि साथ रहे।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष उमेश गुप्ता व महामंत्री शशांक गुप्ता द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि कायमगंज मंडी समिति अनाज खंड में आठ
दुकानें नीलामी के लिए प्रस्तावित थी, जो की सभी सी खंड की थी, लेकिन उनमें से किसी भी दुकान को लेने के लिए कोई भी आवेदक सामने नहीं आया, क्योंकि उसमें से चार दुकाने सुपर मार्केट की है जो अनाज खण्ड में सी क्लास की दुकानो से कॉफी छोटी है।
उनकी पृथक कीमत निकाली जाए एवं सी क्लास की दुकानों को बने हुए 35 वर्ष हो चुके हैं एवं सुपर मार्केट की दुकानों को बने हुए 15 वर्ष हो चुके हैं उनकी दुकानों का ह्रास वैल्यू घटाकर कीमत निकाली जाए एवं सब्जी मंडी की दुकानो की भी ह्रास वैल्यू घटाकर कीमत निकाली जाए। मंडी को बने हुए 35 वर्ष हो चुके हैं सभी दुकानों की सीमेंट की चादर एवं दो प्लेटफार्म के सीमेंट की चादर जो कि ज्यादातर टूट चुकी है। उनकी जगह नए टीन सेट डलवाए जाएं एवं दोनों प्लेटफॉर्म एवं सभी दुकानों के फर्श सीमेंटेड कराए जाए। सब्जी खंड में डी क्लास की दुकानों के आगे कच्ची जगह है जिससे बरसात में काफी परेशानी होती है कृपया उनको भी सीमेंटेड कराया जाए। अनाज मंडी की सड़क आधी से ज्यादा खराब है जो सड़के खराब है उनको सीसी निर्माण करवाया जाए मंडी में पानी पीने के चार वाटर कूलर खराब है।
उनको बदलवाया जाए। मंडी में दो
पेड़ पूरी तरह दीमक खा गई हैं और झुक गए हैं जिससे कोई अनहोनी हो सकती है। कुछ लाइसेंस जो विरासत के हैं उनकी फाइल आपके यहां से वापस भेजी गई हैं बगैर किसी कारण के बतलाए, मंडी सचिव ने बताया कि फाइल इसलिए वापस आ गई है कि इनका किराए का रजिस्ट्रेशन सब रजिस्टार के यहां तहसील में होगा लेकिन महोदय तंबाकू व्यापारियों के पास मंडी में कोई भी दुकान नहीं है इसलिए उनके विरासत के लाइसेंस पर आदेश करने की स्वीकृत प्रदान करें। ताकि व्यापारी के परिवार की रोटी चल सके एवं राजस्व की भी प्राप्ति हो सके। मंडी के बाहर सुपर मार्केट की 25 दुकान नीलामी पर लगी हुई थी लेकिन उनका भी कोई कस्टमर इसलिए नहीं आया क्योंकि आप सरकारी जमीन की पूरी वैल्यू एवं वर्तमान में निर्माण की पूरी लागत जोड़कर पैसा ले रहे थे, उसके
पश्चात भी उनको किराए पर दे रहे थे। जबकि जमीन की वैल्यू अर्थात सर्किल रेट पता किया तो 55000 मीटर निकाल कर आया एवं निर्माण 18000 रुपए मीटर निकाल कर आया टोटल 73000 रूपये वर्ग मीटर बनता है जो कि आपके यहां 90 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर लगाया गया है। मंडी समिति उपयुक्त दुकानों को बिक्री नहीं कर रही है केवल किराए पर दे रही है। दुकानों की जो की 20 वर्ष पुरानी है उनकी ह्रास वैल्यू घटाकर एवं जमीन की कीमत छोड़कर बोली लगवाई जाए। ताकि उनकी नीलामी सुचार पूर्ण ढंग से हो सके। इस अवसर सत्यनारायण वर्मा, मयंक दुबे आदि मौजूद रहे।
पूर्व विधायक अमर सिंह खटीक बोले पुराने दुकानदारों को आवंटित प्रक्रिया में सहूलियतें दी जाएं और जो पूर्व अधिकारियों द्वारा दुकान आवंटित की गई थी उसे भी उसे समय के जियो के आधार पर देखा जाए। किसी भी व्यापारी का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा आवश्यकता पड़ी तो मैं स्वयं व्यापारियों के साथ माननीय मुख्यमंत्री महोदय से मिलूंगा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष सुबोध गुप्ता मंसाराम ने कहा यदि पूर्व अधिकारियों द्वारा व्यापारियों को गुमराह कर उनका शोषण किया गया है तो सबसे पहले उन अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए क्योंकि व्यापारियों ने एक डेढ़ साल का अतिरिक्त कराया भी जमा किया है और उससे पहले दुकान खाली कराया जाना नियम विरुद्ध है हम इस प्रक्रिया का पुरजोर विरोध करेंगे। इस अवसर पर साक्षी सिंह लेखा अधिकारी कानपुर, विक्रम सिंह चाहर तहसीलदार एवं मंडी समिति शैलेंद्र कुमार वर्मा उपस्थित रहे।
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