व्यापारियों ने वित्त मंत्री के नाम सौंपा 8 सूत्रीय ज्ञापन, बैंकिंग नियमों में बदलाव की मांग
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कायमगंज / फर्रुखाबाद। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने बुधवार को तहसील कार्यालय कायमगंज पहुंचकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी अभिषेक वर्मा के माध्यम से भेजा। ज्ञापन में व्यापारियों और उद्यमियों को बैंकों से संबंधित समस्याओं से राहत दिलाने तथा बैंकिंग नियमों में आवश्यक बदलाव करने की मांग की गई।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याओं के कारण व्यापारियों और उद्यमियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से इन समस्याओं पर संज्ञान लेकर आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।
ज्ञापन में उठाईं ये आठ प्रमुख मांगें
1. सरकारी बैंकों को सातों दिन खोलने की मांग: व्यापारियों ने कहा कि बैंक बंद रहने के कारण आवश्यक व्यावसायिक लेनदेन प्रभावित होता है। इससे व्यापारियों के साथ-साथ सरकार के राजस्व पर भी असर पड़ता है। उन्होंने सभी सरकारी बैंकों को सप्ताह के सातों दिन खोलने की मांग की।
2. मिनिमम बैलेंस पेनल्टी समाप्त की जाए: व्यापार मंडल ने बचत खातों पर कम ब्याज और चालू खातों पर ब्याज नहीं मिलने का हवाला देते हुए बैंकों द्वारा न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर लगाए जाने वाले जुर्माने को समाप्त करने की मांग की।
3. चेक बाउंस होने पर केवल जारीकर्ता पर लगे चार्ज: ज्ञापन में कहा गया कि चेक अनादरित होने पर भुगतान प्राप्त करने वाले व्यापारी या उद्यमी की कोई गलती नहीं होती, फिर भी कई मामलों में दोनों पक्षों पर शुल्क लगाया जाता है। व्यापारियों ने मांग की कि चेक वापस होने की स्थिति में यह शुल्क केवल चेक जारी करने वाले से लिया जाए। 
4. नकद जमा और निकासी पर लगने वाला शुल्क समाप्त हो: पदाधिकारियों ने चालू खातों और कैश क्रेडिट लिमिट खातों में नकदी जमा करने तथा निकालने पर लगाए जाने वाले कैश हैंडलिंग चार्ज को अनुचित बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की। उनका कहना है कि व्यापारी बैंक से लिए गए ऋण पर ब्याज भी देते हैं, इसलिए नकद लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए।
5. नियमित ऋण खातों के नवीनीकरण और वैल्यूएशन का खर्च कम हो: व्यापार मंडल ने कहा कि ऋण या लिमिट स्वीकृत करते समय बैंक संपत्ति के कागजातों की कानूनी जांच और वैल्यूएशन कराते हैं। इसके बावजूद नियमित रूप से चल रहे ऋण और लिमिट खातों के नवीनीकरण तथा संपत्ति के पुनर्मूल्यांकन के नाम पर व्यापारियों से हर साल खर्च वसूला जाता है। उन्होंने ऐसी वसूली पर रोक लगाने की मांग की।
6. एनपीए घोषित करने की अवधि तीन से बढ़ाकर छह माह की जाए: ज्ञापन में कहा गया कि ब्याज जमा न होने या तकनीकी कारणों से ऋण और लिमिट खातों को एनपीए घोषित किए जाने से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होता है। व्यापारियों ने एनपीए घोषित करने की अवधि तीन माह से बढ़ाकर छह माह करने तथा तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए पर्याप्त अवसर देने की मांग की।
7. केवाईसी की अवधि बढ़ाकर 10 वर्ष की जाए: व्यापारियों ने आरोप लगाया कि केवाईसी के नाम पर खाताधारकों को बार-बार बैंक बुलाया जाता है, जिससे उन्हें परेशानी होती है। उन्होंने केवाईसी की अवधि बढ़ाकर 10 वर्ष करने का अनुरोध किया।
8. अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज समाप्त किए जाएं: व्यापार मंडल ने विभिन्न प्रकार के बैंक खातों पर लगाए जाने वाले अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज को समाप्त करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे व्यापारियों और उद्यमियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कौशल, जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता, नगर अध्यक्ष अमित सेठ, नगर महामंत्री संजीव अग्रवाल, नगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष मुस्तफा भाई, आलोक सक्सेना, अमित पालीवाल, प्रेमकमल गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष जितेंद्र रस्तोगी, महामंत्री संगम शाक्य, जिला उपाध्यक्ष लखपति बाबू सक्सेना, वरिष्ठ नगर मंत्री विनीत सक्सेना, अनुराग राठौर, महिला जिला अध्यक्ष रश्मि दुबे, महिला नगर अध्यक्ष मधु गंगवार और उपाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
व्यापार मंडल ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय वित्त मंत्री व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मांगों पर उचित निर्णय लेंगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु बनाने और व्यापारियों को राहत देने में मदद मिलेगी।
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