मातृभूमि का वीर झुकने दिया ना शीश
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कायमगंज / फर्रूखाबाद :- महाराणा जयंती पर साहित्यिक संस्था साधना निकुंज एवं अनुगूंज के संयुक्त तत्वाव धान मे कृष्णा प्रेस परिसर मे आयोजित गोष्ठी मे साहित्यकारों ने महाराणा को राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बताया । अध्यक्षता कर रहे प्रो राम बाबू मिश्रा ने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध महाराणा ने वीर वनवासी भीलों की सहायता से जीता था और चित्तोड़ गढ़ को मुग़ल सेना छू भी नहीं सकी । वे वीरता और स्वाभिमान के साक्षात् विग्रह थे । प्रख्यात गीतकार पवन बाथम ने कहा –
राणा की तेजस्वीता उनका उन्नत भाल,
है न विश्व इतिहास मे इसकी कहीं मिसाल ।।
हंसा मिश्रा ने कहा महाकाल की आन थी माता का आशीष
मातृभूमि का वीर ने झुकने दिया ना शीश ।।
शिक्षक विवेक बाथम ने कहा कि महाराणा का चित्र आज भी युवकों को वीरत्व की प्रेरणा देता है
शिक्षिका अपर्णा बाथम ने कहा कि महाराणा जैसे तेजस्वी पूर्वजों की गौरव गाथाएं पाठयक्रम मे रखी जाये ।
प्रधानाचार्य शिव कांत शुक्ला, जे पी दुबे, वी. एस. तिवारी ने कहा की ग़ुलामी के दौर का महिमा मंडन करने के बजाय हमें हमारे गौरव शाली अतीत की जानकारी दी जाये ।
गोष्ठी मे डॉ सुनीत सिद्धार्थ, शिव कुमार दुबे आदि ने विचार रखे ।
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