न्याय मांगते मांगते परेशान हो गया संदीप, डीएम एसपी, विधायक के सामने पेट्रोल डाल खुद को जलाने का किया प्रयास
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– संपूर्ण समाधान दिवस में बैग में बोतल पेट्रोल लेकर पहुंचा और शरीर पर डाला, घटना से हड़कंप
एसपी ,विधायक सहित जिला के आला अधिकारी भी थे मौजूद, कंपिल के मिलकिया सिकंदरपुर गांव का है शिकायतकर्ता, जमीन पर कब्जे का आरोप
कायमगंज / फर्रुखाबाद
तहसील कायमगंज सभागार में चल रहे संपूर्ण समाधान दिवस में अचानक हड़कंप मच गया। थाना कंपिल क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर तिहईया के मजरा मिलकिया निवासी संदीप कुमार एक बैग लेकर डीएम डॉ. आशुतोष कुमार द्विवेदी के सामने पहुंचा।
संदीप मिश्रा ने शिकायत पत्र सौंपा, तो वह भावुक हो गया। इसी दौरान उसने बैग खोला और उसमें रखी पेट्रोल से भरी बोतल निकालकर अपने ऊपर छिड़क ली। और खुद को आग लगाने का प्रयास करने लगा, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और तहसील स्टाफ ने तत्काल हरकत में आकर उससे माचिस और पेट्रोल की बोतल छीन ली। मौके पर फरियादियों के लिए रखा हुआ पानी पानी डालकर उसे शांत किया गया। घटना के समय सभागार में जिलाधिकारी के साथ एसपी आलोक कुमार प्रियदर्शी और क्षेत्रीय विधायक डॉ. सुरभि भी मौजूद थीं।
अचानक हुई इस घटना से सभागार में अफरा-तफरी मच गई।पुलिसकर्मियों ने संदीप के कपड़े उतारकर उसे कस्बा चौकी ले जाकर निगरानी में रखा। पूछताछ के दौरान संदीप मिश्रा फूट-फूटकर रो पड़ा। उसने बताया कि गांव के कुछ दबंग लोग ग्राम प्रधान सह पर उसकी पुश्तैनी जमीन और सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा किए हुए हैं। कई बार न्याय के लिए शिकायती प्रार्थना पत्र देने के बाद भी उसकी प्रशासन में कोई सुनवाई नहीं हुई। थक हार कर न्याय ना मिलता देख उसने शासन प्रशासन के सामने खुद को जला कर आत्महत्या करने का प्रयास किया।
जमीन और रास्ते का है विवाद
संदीप मिश्रा ने अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया है कि गांव के दबंग लोगों द्वारा चकमार्ग, सार्वजनिक रास्ते और उसकी पुश्तैनी भूमि पर जबरिया कब्जा किया गया है। वर्ष 2020 में भी इन दबंगों ने रास्ता बंद करने का प्रयास किया था।जिसे तत्कालीन जिलाधिकारी ने खुलवाया था। संदीप ने उस आदेश की छाया प्रति भी प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न की है। संदीप का कहना है कि इसके बाद आरोपियों ने फिर से रास्ते पर कब्जा कर लिया और अब उसकी जमीन पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है। वह एक मार्च को भी समाधान दिवस में शिकायत कर चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वह वर्तमान में आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
डीएम ने दिए जांच के निर्देश
घटना के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि युवक की शिकायत पर सुनवाई की जा रही थी, तभी उसने सुनियोजित ढंग से यह कदम उठाया। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वह वास्तव में पीड़ित है या फिर यह किसी प्रकार की साजिश थी। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रवेंद्र कुमार और सीओ विक्रम सिंह को मौके पर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे जो भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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