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शिव पार्वती विवाह लीला का मंचन,श्रोता भाव विभोर हो गए

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फर्रुखाबाद :-      कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती के तत्ववधान में नाट्य शास्त्र के प्रणेता महर्षि भारत मुनि जयंती के उपलक्ष्य में महाशिव रात्रि के पर्व पर शिव पार्वती विवाह लीला का मंचन किया गया।

रविवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनिल त्रिपाठी,प्रांतीय महामंत्री सुरेंद्र पाण्डेय, नवीन मिश्रा नब्बू ,समरेंद्र शुक्ल आदि ने महर्षि भरत मुनि के चित्र पर पुष्पार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया ।

नगर के प्राचीन कालीन पांडेश्वर नाथ शिव मंदिर में लीला का मंचन देखकर कथा प्रांगण में मौजूद श्रोता भाव विभोर हो गए। नाटक मंचन लीला की भूमिका में दर्शाया गया कि एक दिन राजा दक्ष ने भगवान शिव का अपमान कर दिया जिससे नाराज होकर माता सती ने दक्ष यज्ञ में कूदकर गई इस घटना के बाद भगवान शिव तपस्या में लीन हो गए उधर माता सती ने हिमवान के यहां पार्वती के रूप में जन्म लिया । सृष्टि में जब तारकासुर नाम के एक असुर का आतंक बड़ता जा रहा था,तभी देवतागणों ने उससे भयभीत होकर उसके के वध की योजना बनाई।

तारकासुर को वरदान प्राप्त था कि उसका वध सिर्फ भगवान शिव की संतान ही कर सकती है भगवान शिव तपस्या में लीन थे तभी सभी देवताओं ने मिलकर शिव और पार्वती के विवाह की योजना बनाई और भगवान शिव की तपस्या को भंग करने के लिए कामदेव को भेजा गया लेकिन वह भस्म हो गए इसके बाद देवताओं की विनती पर शिव जी पार्वती जी से विवाह करने के लिए मनाया गया । विवाह की बात तय होने के बाद भगवान शिव की बारात की तैयार हुई इस बारात में देवता, दानव,गण सभी लोग शामिल हुए भगवान शिव की बारात में भूत पिशाच भी पहुंचे ऐसी बारात को देखकर पार्वती जी की मां बहुत डर गईं और कहा कि वे ऐसे वर को अपनी पुत्री को नहीं सौंप सकती हैं तब देवताओं ने भगवान शिव को परंपरा के अनुसार तैयार किया,सुंदर तरीके से श्रृंगार किया इसके बाद विवाह सम्पन्न हुआ।
नाटक में शंकर जी नमन,पार्वती जी हर्षित, विष्णु जी स्वयं,कामदेव मोहित,राजा हिमाचल सुरेंद्र पाण्डेय,मायना अनिता द्विवेदी, नारद अरविंद,नाऊन ठाकुर नरेंद्र आदेश,आचार्य की भूमिका शरद मिश्रा आदि ने निभाई। म्यूजिक में पैड वादन शिवम शर्मा,ढोलक पर थाप श्याम जी व भजनों की प्रस्तुति नवीन मिश्रा नब्बू ने दी। हर वर्ष की भांति इस वर्ष नाटककार के रूप में राज गौरब पाण्डेय को कला साधक सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके बाद वर्ष भर में आयोजित हुए कार्यक्रमों के लिए,नवीन मिश्र नब्बू,अखिलेश पाण्डेय,किरण त्रिवेदी,भूपेन्द्र प्रताप सिंह,श्रीमती रजनी लौंगवानी,आदेश अवस्थी,दिलीप कश्यप,अनिल प्रताप सिंह,साधना श्रीवास्तव अर्पण शाक्य, अनुराग अग्रवाल,सतनाम सिंह, श्री संजय गर्ग,भारती मिश्रा,शशीकांत पाण्डेय,आकांक्षा सक्सेना आदि को सम्मानित किया। अध्यक्ष दीपक रंजन सक्सेना ने धन्यवाद ज्ञापित किया । इस अवसर पर अनुभव सारस्वत,आदेश दीक्षित,गौरव मिश्रा,रविंद्र भदौरिया,चित्रा अग्निहोत्री,पूनम पाण्डेय, कुलभूषण श्रीवास्तव,धीरज ,नमन पाण्डेय रोहित दीक्षित,मृदुल पाण्डेय सहित सैंकड़ों की संख्या में लोग रहे ।

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