नाटक ‘कलारी’ का मंचन कर दिया नशा मुक्ति का संदेश
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फर्रुखाबाद :- जिले की रंगमंचीय संस्था नक्श थिएटर के कलाकरों ने फर्रुखाबाद महोत्सव के मंच पर ‘कलारी’ नाटक का मंचन कर नशा मुक्ति का संदेश दिया
।गुरुवार देर रात को क्रिश्चियन इंटर कालेज ग्राउंड स्थित फर्रुखाबाद महोत्सव के मंच पर’नक्श थिएटर के कलाकरों नेनशा मुक्ति अभियान को समर्पित नशे पर आधारित नाटक ‘कलारी’ का शानदार मंचन किया ।नाटक कलारी में शराब के नशे से बर्बाद होते परिवार की करुण कथा देख दर्शकों की आखें नम हो गई।नाटक का मुख्य पात्र शमशेर अपनी पत्नी बिंदिया पर नशे में जुल्म करता है। एक दिन अधिक शराब पीने से उसकी दर्दनाक मौत हो जाती है। नशे में जुल्म सहने वाली पत्नी बिंदिया रोते हुए जनता से नशा न करने की अपील करती है।नाटक के जरिये ‘महंगी जिंदगी या सस्ती मौत,’ ‘नशा नाश की जड़ है,संदेश दिया गया। इसी के साथ नाटक में सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार किया गया और आत्म निर्भर भारत और कौशल विकास योजनाओं के बारे में रेखांकित कर बताया गया की सरकार जनता को कौशल विकास या स्वयं सहयता समूह आदि के माध्यम से सशक्त बना रही है ।नाटक में मुख्य पात्र के रूप शमशेर धीरज मौर्या,शमशेर की पत्नी बिंदिया अनाया मालवीय,शमशेर के दोस्त कलुआ और बिरजू मिथुन राजपूत,विशाल सिंह,डॉक्टर विशाल पाठक, काला साया सत्या भाई,सूत्रधार दिलीप कश्यप,पड़ोसी शैली दिवाकर,शिवांशी,देवांशी,रोहित,ध्रुव गुप्ता आदि रहे। म्यूजिक पर डॉक्टर कमल गौतम, नाटक का निर्देशन एक्टर डायरेक्टर अमित सक्सेना व लेखन युवा साहित्यकार दिलीप कश्यप कलमकार ने किया । पात्रों का परिचय राज गौरव पाण्डेय ने कराया।
नक्श टीम से मिष्ठी,राशि,नेहा सक्सेना,संध्या पाण्डेय,आदि मौजूद रहे ।
नाटक के निर्देशक नक्श थिएटर के डायरेक्टर अमित सक्सेना ने बताया कि उन्होंने फर्रुखाबाद में रंगमंच को बढ़ाबा देने के लिये नाटकों का मंचन शुरू किया है।
उनका प्रयास है अधिक से अधिक लोगों का ध्यान रंगमंच की ओर आकर्षित हो और वह रंगमंच से जुड़े ।
जिले में पिछले कई वर्षो से नाटक विधा लुप्त होती जा रही है जिसे पुनः अस्तित्व में लाने का प्रयास किया जा रहा है । फर्रुखाबाद महोत्सव के मंच पर मौका देने के लिए जिलाधिकारी का आभार जताया ।
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