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वन मित्र हयात खान ने किया मगरमच्छ का रेस्क्यू किया , ग्रामीण बोले रियल बाहुबली

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बारिश के मौसम में कोटा जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में मगरमच्छों की आवाजाही बढ़ गई है। बीते कुछ दिनों में कई बार मगरमच्छ रिहायशी इलाकों में देखे गए हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में यह खतरा ज्यादा है। सोगरिया इलाके में वन विभाग ने एक विशाल मगरमच्छ का रेस्क्यू किया है, जिसकी वजह से रेस्क्यू करने आए वन मित्र की तुलना लोग बहुबली से करने लगे।

मगरमच्छ के खौफ में घर से निकल नहीं पा रहे थे लोग

दरअसल, कोटा जिले के इटावा क्षेत्र के बंजारी गांव में पिछले दिनों से एक मगरमच्छ की मौजूदगी ने लोगों की नींद उड़ा रखी थी। ग्रामीण खेतों और तालाबों के पास जाने से डरने लगे थे। इतना ही नहीं बच्चे और बजुर्ग रात को घर से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। लोगों ने पुलिस को और वन विभाग टीम को इसके बारे में सूचना दी ताकि मगरमच्छ का रेस्क्यू किया जा सके।

जब टाइगर ने लिया बाहुबली वाला अवतार

मगरमच्छ का रेस्क्यू करने के लिए वन विभाग ने कोटा जिले के जाने माने वन मित्र हयात खान को टीम के साथ भेजा। जिन्हें इलाके के लोग प्यार से टाइगर नाम से भी जानते हैं। जिन्होंने एक बार फिर टाइगर की तरह दम दिखाया है। हयात ने करीब 7 फीट लंबे मगरमच्छ को रेस्क्यू किया और उसे अपने कंधे पर उठाकर चंबल नदी तक ले गए। वहां वन विभाग की टीम के साथ मिलकर मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से नदी में छोड़ा गया।

हयात ने बताया क्यों घरों की तरफ आते हैं मगरमच्छ

हयात खान ने बताया कि यह मगरमच्छ कई महीनों से गांव के पास दिखाई दे रहा था। ग्रामीण डरे हुए थे कि यह बच्चों या मवेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने पहले भी इसी गांव से एक और मगरमच्छ का रेस्क्यू किया था। हयात खान का कहना है कि बारिश के मौसम में नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे मगरमच्छ रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और वन विभाग या वन मित्रों को तुरंत सूचना देनी चाहिए।

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