साहब हम दिव्यांग दंपत्ति है ,₹20000 नहीं दे पाए तो पात्र होने पर भी सूची से काट दिया नाम
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ग्राम विकास सचिव ने 5000 रुपया लेने के बाद भी पात्रता सूची से नाम काट कर अपात्र घोषित कर दिया।
जिला अधिकारी से शिकायत करने पर प्रधान पुत्र दिव्यांग होने का उड़ाते हैं उपहास।
कायमगंज/फर्रुखाबाद :- साहब हम गरीब और विकलांग दंपत्ति हैं हमारा कसूर सिर्फ इतना है कि हमारे पास प्रधान व सचिव को देने के लिए ₹20000 नहीं थे हमने ₹5000 भी जैसे तैसे करके सचिव को दिए फिर भी सचिव ने हमारा प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से नाम काट दिया जब जिलाधिकारी से शिकायत की तो ग्राम प्रधान और सचिव मेरा उपहास उड़ा कर हमें धमकियां देते हैं।
जी हां यह बात उतनी ही कटु सत्य है जितना कि विकलांग दंपत्ति ने अपनी नम आंखों के आंसू गिराते हुए बताया आपको बता दें की ग्राम सादिकपुर पोस्ट वरझाला ब्लाक शमसाबाद कायमगंज जनपद फर्रुखाबाद निवासी सुधीर कुमार व उनकी पत्नी दोनों ही दिव्यांग है कई बार वह जिलाधिकारी से भी अपनी फरियाद लगा चुके हैं जिलाधिकारी द्वारा अपने मातहतों को आवश्यक कार्यवाही हेतु आदेश भी दिए गए किंतु मातहत बिना रुपए लिए कोई भी कार्य नहीं करना चाहते हैं इससे प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर कितना बड़ा भ्रष्टाचार हो रहा होगा जिसमें पात्र को अपात्र दर्शा कर आवास मुहैया करा जा रहे हैं। सुधीर कुमार ने दिए गए कहा है कि जब उसने जिलाधिकारी से सूची में नाम होने की शिकायत की तो ग्राम विकास अधिकारी विवेक कुमार ने प्रधान से मिलीभगत कर मुझे अपात्र घोषित कर दिया जबकि वह पॉलिथीन त्रिपाल डालकर अपने माता से अलग रहता है जबकि गांव के मिथिला पत्नी आसाराम रामसेवक पुत्र रामस्वरूप सुशीला पत्नी रामदास बेचेलाल पुत्र मुरारी राम रंगीले पुत्र हरिराम गिरीश पुत्र कैलाश सतीश पुत्र कामता प्रसाद चंगे लाल पुत्र जगन्नाथ शेर सिंह पुत्र सिद्धार्थ के पक्के आवास बने हुए हैं फिर भी उन्हें प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत पात्र घोषित कर धनराशि मुहैया कराई गई उक्त लोगों के खातों में धनराशि भी आ गई जबकि हम दिव्यांग दंपत्ति के पास कोई पक्का आवास नहीं है जैसे तैसे कर अपना जीवन यापन करते हैं ग्राम विकास अधिकारी ने प्रधान के समक्ष मुझसे ₹20000 की मांग की थी मैंने ₹5000 ग्राम विकास अधिकारी को भी दिए थे मेरे पास इतना रुपया नहीं था जिसका मैंने अनुरोध भी किया किंतु इन लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ा । पीड़ित ने बताया कि शिकायत करने पर ग्राम प्रधान मुन्नी देवी के पुत्र जो कि प्रधानी के कार्य देखते हैं नीरज व धीरज मुझे दिव्यांग होने के कारण उपहास उड़ाते हैं और कहते हैं कि ज्यादा शिकायते करेगा तो तुझे कदर कर चलना पड़ेगा दिव्यांग सुधीर ने जिलाधिकारी से दोषी सचिव पर कार्रवाई करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र होने पर लाभ दिलाए जाने की मांग की है साथ ही इस योजना के तहत पात्रों द्वारा हड़पी गई धनराशि की रिकवरी कराने की भी मांग की है।
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