नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे 9616953133 / 8318645910,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , नम आंखों से कर्बला में सुपुर्द – ए – खाक हुए ताजिए – V News Live24

V News Live24

Latest Online Breaking News

नम आंखों से कर्बला में सुपुर्द – ए – खाक हुए ताजिए

In Kaimganj Kampil, the tazias were buried in Karbala with moist eyes
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

कायमगंज / फर्रूखाबाद :- कायमगंज व कंपिल में मोहर्रम पर नम आंखों से करबला में ताजिए सुपुर्द-ए-खाक किए गए। रविवार को मोहर्रम पर अकीदतमंदों ने अकीदत के साथ इमामबाड़ों से ताजिए उठाकर हुसैनी सदाओं के बीच करबला की ओर बढ़े। पुलगालिब पर गांव कलाखेल, कुबेरपुर, गढ़ी का ताजिया पहुंचा। आगे बढ़ते हुए ये ताजिए जामा मस्जिद पर पहुंचे। वहां चिलांका कुरैशियों का ताजिया इन ताजिए के साथ आगे बढ़ा। जामा मस्जिद के पास काजम खां का ताजिया शामिल हुआ। इसके बाद ताजिए बजरिया की ओर चले। जहां चिलौली पठान का ताजिया आगे बढ़ा। वही कुबेरपुर व चिलांका का ताजिए चला। ताजिए के आगे ढोल बजाते व करतब दिखाते अकीदतमंद चलते रहे। यह ताजिए श्यामागेट होते हुए लोहाई गली स्थित गांजा भांग गली के पास पहुंचे। जहां जटवारा का हालो का ताजिया, बजरिया बेगराज अख्तर बीडी बालो का ताजिया शामिल हुआ। बहा परंपरागत चिलांका व कुबेरपुर ताजिएदारो के बीच आगे निकलने की होड़ में सांकेतिक नोक – झोक हुई। इसके बाद तय मामले के अनुसार चिलांका का ताजिया आगे आगे चला। इसके बाद मंसूरी कमेटी के ताजिएदार के ढोल बाजे आगे आगे चले। और सभी ताजिए करबला तक पहुंचे। जहां नम आंखो से सभी ताजिए करबला में सुपुर्द-ए- खाक हुए। इस दौरान करबला में, सैदपुर, गऊटोला, अताईपुर, भुड़िया, कटरा, चैक, मऊरशीदाबाद के ताजिए भी पहुंच गए। उन्हे अकीदत के साथ करबला में दफन किया गया। इसके अलावा कंपिल, रुदायन, समाउद्दीनपुर, कटिया, निजामुददीनपुर में ताजिए निकाले गए और करबला में सुपुर्द-ए-खाक खाक किए गए। इस दौरान एसडीम रवेंद्र कुमार व सीओ संजय कुमार वर्मा, कोतवाली प्रभारी अनुराग मिश्रा, कस्बा चौकी प्रभारी नागेन्द्र सिंह लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे ।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

[responsivevoice_button voice="Hindi Male"]