पत्रकारों की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन के पदाधिकारी, 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा 14 सूत्रीय ज्ञापन
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फर्रुखाबाद :- दिल्ली में पत्रकारों को कवरेज करने से रोकने और उनके साथ कथित अभद्रता किए जाने के मामले को लेकर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल गौड़ के नेतृत्व में 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से जुड़ी 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपने कलेक्ट्रेट पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपने की मांग की। हालांकि, जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल को सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार के कार्यालय भेजा गया। वहां पहुंचने पर सिटी मजिस्ट्रेट सभागार में बैठक के लिए चली गईं। इस पर कार्यालय के अधीनस्थ कर्मचारी ने प्रतिनिधिमंडल से प्रतीक्षा करने को कहा।
पत्रकारों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को इंतजार करने के लिए कहे जाने पर सदस्य सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठ गए। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब पत्रकार अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर ज्ञापन देने आए हैं, तो उनकी बात सुनने के लिए समय क्यों नहीं दिया जा रहा है। इस घटनाक्रम से कुछ देर के लिए कार्यालय परिसर में चर्चा का माहौल बन गया।

करीब 15 मिनट बाद सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार सभागार से बाहर आईं और प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन प्राप्त किया। इसके बाद पत्रकारों ने अपनी मांगों और समस्याओं से संबंधित मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रखा।
पत्रकारों की सुरक्षा से लेकर पेंशन तक उठाईं मांगें
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में एसोसिएशन ने दिल्ली में आंदोलन के दौरान महिला पत्रकारों एवं अन्य पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता और दुर्व्यवहार के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता की समस्याओं, भ्रष्टाचार और अन्याय को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन में डिजिटल मीडिया, न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया के माध्यम से पत्रकारिता करने वाले पात्र पत्रकारों के लिए मान्यता एवं पंजीकरण की प्रक्रिया सरल बनाने, अनुभवी पत्रकारों को सुविधाएं देने तथा जनपद फर्रुखाबाद की प्रत्येक तहसील में पत्रकार भवन स्थापित कराने की मांग भी शामिल रही।
इसके अतिरिक्त गैर-मान्यता प्राप्त एवं आर्थिक रूप से कमजोर पात्र पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ तथा 30 लाख रुपये के जीवन एवं दुर्घटना बीमा की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया। पत्रकारों के लिए प्रभावी सुरक्षा कानून, 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन, आवासीय सुविधा, उचित वेतन एवं समय पर मानदेय सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
पत्रकार शिकायत प्रकोष्ठ और कल्याण बोर्ड बनाने पर जोर
एसोसिएशन ने निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने, प्रत्येक जिले में पत्रकार शिकायत प्रकोष्ठ स्थापित करने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की। साथ ही पत्रकारों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को आर्थिक सहायता तथा पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए पत्रकार कल्याण बोर्ड गठित करने का मुद्दा भी उठाया।
ज्ञापन में सरकारी कार्यक्रमों, जनहित से जुड़े आयोजनों और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में नियमानुसार पत्रकारों को कवरेज की सुविधा उपलब्ध कराने तथा समाचार संकलन के दौरान उनके साथ भेदभाव न किए जाने की मांग की गई।
एसोसिएशन ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि पत्रकारों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक स्थिति और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़े इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित केंद्र एवं राज्य सरकारों तथा विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
इस अवसर पर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव संजय शर्मा, दीपक तिवारी, विनय सक्सेना, ताहिर खां, इरशाद अली, प्रताप सिंह, अनुज कुमार, महेश वर्मा, विजय वर्मा, शाहनवाज खां, श्यामवीर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
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