सिर्फ रेशम की डोर नहीं, सोने- चांदी के ब्रेसलेट से भी सजेगी भाईयों की कलाई
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कायमगंज / फर्रूखाबाद :- भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन नौ अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार आकर्षक राखियों के साथ सोने और चांदी की राखियों से भाइयों की कलाई सजेगी। यही कारण है कि आभूषण की दुकान पर एक से बढ़कर एक डिजाइन की सोने चांदी की राखियां आ गई हैं। इसे खरीदने के लिए लोग जुटने भी लगे हैं।
नगर की सम्भ्रांत महिला निमिता अग्रवाल
कहती हैं कि इस बार रक्षा बंधन दिन भर मनाया जाएगा। सावन के अंतिम सोमवार के बाद अब राखी की तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजार में राखियों की दुकानें सज गई हैं। दूसरी तरफ हाथ पर सजी राखियों को वर्ष भर पहनने का क्रेज भी बढ़ रहा है। इसी वजह से अब रेशम की डोर के साथ लोग सोने और चांदी की राखियों की भी खरीदारी कर रहे हैं। इसे हाथों में ब्रेसलेट के तौर पर पहन कर भाई बहन के प्रेम को प्रदर्शित करते हैं। इसी कारण आभूषण की दुकानों पर एक से बढ़कर एक डिजाइन की राखियां आ गई हैं।
मधु गंगवार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से सोने चांदी की राखियों का क्रेज बढ़ा है। 
इसी वजह से नई नई डिजाइन की राखियों को बाजार में आई हुईं हैं। वहीं रश्मी दुबे का कहना है कि कि चांदी की राखी दो सौ रुपये से शुरू होकर दस हजार रुपये तक में बाज़ार में बिक रहीं हैं । लाेगों को रेशम के धागे में गूंथी चांदी की राखी अधिक पसंद आ रही है। वहीं कुछ युवा ब्रेसलेट की तरह की राखियों को पसंद कर हैं।
पायल सेठ बताती हैं कि सोने की राखियां
चार हजार रुपये से मिल रही है। वजन के हिसाब से राखी की कीमत बढ़ती जाएगी। लोगों के क्रेज को देखते हुए सर्राफा व्यापारियों की दुकानों में अच्छी खासी रौनक दिखाई दे रही है।
रक्षाबंधन पर जो बहनें अपने भाइयों को खास उपहार या राखी बांधना चाहती हैं तो उनके लिए बाजार में इटेलियन और अमेरिकन डायमंड की राखियां काफी पसंद आ रही हैं। सराफा व्यापारी शालीन अग्रवाल ने बताया कि इटेलियन राखियों के साथ नाम वाले ब्रासलेट काफी पसंद की जाती हैं, क्योंकि इन राखियों की शाइनिंग काफी अच्छी होती है। चांदी की सबसे ज्यादा डिमांड है, क्योंकि यह सोने की राखियों की अपेक्षा सस्ती हैं। बताया कि इनकी कीमत 1000 से शुरू होकर 3000 तक की है। वहीं सोने की राखियां 8000 से 25000 रुपये तक की हैं।
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