किसान नेता की मौत के बाद गरमाया माहौल, धरनास्थल पर रखा शव, आश्वासन के बाद 15 दिसम्बर तक स्थगित हुआ धरना
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कायमगंज / फर्रूखाबाद :- धरनास्थल से घर जाते समय सड़क हादसे में घायल भारतीय किसान यूनियन अखंड के जिला महासचिव गिरीशचंद्र शाक्य निवासी सत्तार नगर की हैलट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा 28 नवंबर को हुई थी, जिसमें उनके साथी राजेंद्र सिंह भी घायल हुए थे, जिनका इलाज अभी जारी है। किसान नेता की मौत की खबर से उनके परिवार में कोहराम मच गया। किसान नेताओं ने शव को धरनास्थल पर रख दिया। जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बताते चलें कि हादसे के बाद धरना स्थल पर मौजूद किसान पदाधिकारी धर्मवीर, धन सिंह और राजवीर सिंह ने कार का पीछा किया। हालांकि, रेलवे फाटक बंद होने के कारण आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गए। वे कार को रेलवे फाटक के पास एक मंदिर के पीछे छोड़कर भागे थे, जिसे बाद में पुलिस ने कब्जे में ले लिया। सड़क हादसे में घायल भारतीय किसान यूनियन अखंड के जिला महासचिव गिरीशचंद्र शाक्य की हैलट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा 28 नवंबर को हुआ था, जिसमें उनके साथी राजेंद्र सिंह भी घायल हुए थे, जिनका इलाज अभी जारी है।
किसान नेता की मौत की खबर से उनके परिवार में कोहराम मच गया। क्षेत्र के सत्तार नगर गांव निवासी गिरीशचंद्र शाक्य 28 नवंबर को अपने साथी राजेंद्र सिंह के साथ धरना स्थल से मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद धरना स्थल पर मौजूद किसान पदाधिकारी धर्मवीर, धन सिंह और राजवीर सिंह ने कार का पीछा किया। हालांकि, रेलवे फाटक बंद होने के कारण आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गए। वे कार को रेलवे फाटक के पास एक मंदिर के पीछे छोड़कर भागे थे, जिसे बाद में पुलिस ने कब्जे में ले लिया था। गुरुवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
राजेंद्र सिंह का इलाज फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने किसान नेता के पुत्र सचिन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था। गिरीशचंद्र शाक्य का शव घर पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। उनकी पत्नी सुनीता, पुत्र सचिन और चार पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल था। किसान नेता गिरीश शाक्य का शव गांव पहुंचते ही धरनास्थल पर रख दिया और उनकी मौत का जिम्मेदार जिला प्रशासन को ठहराया, किसान नेता अपनी मांगों पर अडिग थे।
यूनियन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर ₹50 लाख मुआवजे और तीन नाबालिग पुत्रियों की शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाने की मांग की।एसडीएम कायमगंज अतुल कुमार सिंह और डीआईओएस फर्रुखाबाद पर तत्काल कार्रवाई की मांग बुलन्द की। परिजनों और संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, मृतक का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा
भारतीय किसान यूनियन (अखंड प्रदेश) का धरना प्रदर्शन को उच्चाधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद स्थगित कर दिया गया।
प्रशासन ने संगठन को 15 दिसंबर 2025 तक का समय मांगा है साथ ही आश्वासन दिया है कि तब तक उनकी मांगों और समस्याओं का निस्तारण कर दिया जाएगा। संगठन ने इस समय सीमा पर सहमति जताते हुए धरना प्रदर्शन को स्थगित कर दिया है।
साथ ही संगठन ने चेतावनी दी, यदि 15-12-25 के बाद समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो वे दोबारा धरना प्रदर्शन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी ।
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