छावनी क्षेत्र में स्थित गुरुद्वारे में आज से प्रारम्भ हुआ बैसाखी का पर्व
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फतेहगढ़ / फर्रूखाबाद (राकेश अरोड़ा ) :- सोमवार को सिखलाइट रेजीमेंटल सेंटर के गुरुद्वारे में आज से बैसाखी पर्व का शुभारम्भ हुआ। गुरुद्वारे को झालरों ओर फूलो से सजाया गया।
‘पवित्र निशान साहिब को उतार कर उनके पुराने वस्त्र को हटाकर स्नान कराया गया और नये वस्त्र पहनाये गये।
फिर उसे हाइड्राेलिक मशीन द्वारा खड़ा किया गया। यह निशान साहिब हाइड्राेनिक निशान साहिब है। सलामी गारद ने नायव सुवेदार गुरजीतसिंह व उनके
8 जवानो ने 40 राउंड गोलिया चला कर सलामी दी। बैण्ड मास्टर
सूबेदार जितेन्द्र सिंह व 27 जवानों की टीम ने बैण्ड पर गगन दमामा
बाजिये की धुन सम्मान में बजायी । सिखलाइट सेंटर के कमांडर
बिग्रेडियर मनीष कुमार जैन, सेंटर सूबेदार मेजर कैप्टन जसवीर
सिंह एडजूटेट ले. कर्नल आदर्श भारती, CRO मदन चौधरी
सूबेदार मेजर गुरुदेव सिंह, रंजीत सिंह, बलबीर सिंह व सेंटर
के जवानों ने इस सेवा में भाग लिया ।
ज्ञानी सर्वजीत सिंह
के निर्देशन में सारे कार्य धार्मिक रीत से किए गये। सेवा के बाद गुरुद्वारे में सेंटर व देश की तरक्की और खुशहाली के लिए अरदास की गयी । मंगलवार को बैसाखी का पर्व धूमधाम मनाया जायेगा। जिसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गयी है।
327 वां खालसा पथ का स्थापना दिवस :
आज के दिन 15 अप्रैल 1699 को आनंदपुर साहित्य में बैसाखी के अवसर पर खालसा पंथ की स्थापना गुरु गोविंद सिंह ने की थी इसकी पहचान के लिए इस पंथ को मानने वाले कच्छ, कड़ा, कंघा, केश कृपाण रखना आवश्यक होगा। अर्थात एक सिक्ख को केश रखने होंगे।
सिर पर पगडी बाधनी होगी, हाथ मे कड़ा, और तलावर रखनी होगी बालो मे कंघा रखना होगा और एक लंबा कच्छा पहनना होगा। अपने नाम के आगे सिंह और स्त्रियों को कौर सम्बोधन लगाना होगा। सिक्ख परिवार के लोग आज भी इसका पालन दृढ़ता से करते है।
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