श्रद्धा , प्रेम और उत्साह से मनाया गया बैसाखी का पर्व
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फतेहगढ़ / फर्रूखाबाद (राकेश अरोड़ा) :- मंगलवार को सिखलाइट रेजीमेंटल सेंटर में स्थित गुरुद्वारे में दो दिवस पूर्व रखे गये श्री अखण्ड साहिब की सम्पत्ति हो गई। इस अवसर पर दीवान सजाकर कीर्तन दरबार लगाया गया। रागियों ने सुन्दर भजन और सबद गाये । “देहि शिवा वर मोहे इहैं शुभ करमन से कबहूं न टरु “, कोई बोले राम राम कोई बोले खुदाए ” जैसे भजन सुन संगत बहुत आनंदित हुई। सेंटर कमांडर बिग्रेडियर मनीष जैन व उनकी पत्नी अम्बिका जैन सभी को पर्व की बधाईयां दीं। बिग्रेडियर मनीष जैन ने बताया कि बैसाखी का पर्व धूमधाम से मनाते हैं। क्योंकि सिखलाइट रेजीमेंट में ज्यादातर जवान सिख धर्म को मानने वाले हैं। अतः प्रमुखता से दो पर्वों गुरुनानक जयंती व बैसाखी को हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। इसमें हमारे सिविल डिफेंस के लोग, रेजिमेंट के परिजन और जितनी इकाइयां यहां है जैसे एम.ई.एस., आर्मी पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, के. दो. मेट बोर्ड आदि लोग यहां आकर हमारी खुशियों में शामिल होते हैं। और लंगर का आनन्द लेते हैं।
जिले के जिलाधिकारी व जिले के कप्तान ने गुरुद्वारे में मत्था टेक आशीर्वाद प्राप्त किया। फतेहगढ़ फर्रूखाबाद की सिख संगत ने भी दरबार साहिब में अपनी हाज़िरी दी।

ज्ञानी सर्वजीत सिंह ने खालसा पंथ की विचारधारा का उल्लेख करते हुए बताया कि जो पांच कंकार हैं वही पंथ की विचारधारा है। कच्छ आपको पावन जीवन जीने की नसीहत करता है। 
केश प्रकृति का दिया हुआ उपहार है उसको संवारने के लिए कंघे का प्रयोग आवश्यक है। कड़ा हाथ में पहनते हैं जो आपको याद दिलाता है कि अपने कर्तव्यों के प्रति लोहे के समान रहना है और कृपाण शक्ति का प्रतीक है।
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