नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे 9616953133 / 8318645910,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , CHC शमसाबाद में भ्रष्टाचार का बोलबाला, प्रसूताओं को नहीं मिल रहा पौष्टिक आहार – V News Live24

V News Live24

Latest Online Breaking News

CHC शमसाबाद में भ्रष्टाचार का बोलबाला, प्रसूताओं को नहीं मिल रहा पौष्टिक आहार

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

शमसाबाद / फर्रुखाबाद (महेश वर्मा) :- संवेदनहीनता की हद पार नवजात को जन्म देने बाली प्रसूताओं को नहीं मिलता पौष्टिक आहार रूखी सूखी दो रोटियों का सहारा।

जानकारी के अनुसार सी एच सी शमसाबाद में मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई एक तरफ सरकार मातृ-शिशु सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही बही , दूसरी तरफ प्रसव की पीड़ा से गुजरने वाली माताओं के हक के निवाले पर भ्रष्टाचार का डाका डाला जा रहा है।

जबकि नियमों के अनुसार प्रसव के बाद प्रसूता को गर्म दूध, फल, दाल, दलिया और पौष्टिक भोजन देना अनिवार्य है। अफसोस हकीकत में पौष्टिक आहार के नाम पर प्रसूताओं को रूखी-सूखी रोटी तथा आलू की सब्जी परोसी जा रही कभी पांच रुपये का पारले-जी बिस्कुट तो कभी दो ठंडी रोटिया । दूध के नाम पर 10 रुपये वाला छोटा पैकेट फलों के वितरण का तो अता पता ही नहीं नवजात को दूध पिलाने वाली माताएं भूख से तड़पने को मजबूर हैं। सूत्रों के अनुसार पोषण आहार का पूरा बजट कागजों में ही समा रहा है।

सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा

सुरक्षित मातृत्व के लिए नियम डिलीवरी के बाद मां और बच्चे को 48 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाए। अफसोस प्रसव के महज पांच से 12 घंटे बाद ही प्रसूताओं की छुट्टी कर दी जाती है।जबकि महिला ठीक से खड़ी भी नहीं हो पाती, उसे भी घर का रास्ता दिखा दिया जाता सूत्रों की माने तो बताया गया है। डिस्चार्ज का कोई प्रमाण तक नहीं दिया जाता है। सरकारी एम्बुलेंस की सुविधा कागजों में है, हकीकत में प्रसूताओं को निजी वाहनों से घर जाना पड़ता है। हद तो तब हो जाती जब नवजात के आगमन की खुशी मना रहे गरीब परिवारों से डिलीवरी के एवज में अवैध वसूली का शिकार होना पड़ता है। वहीं सूत्र नाम ना छापने की शर्त पर बताते हैं कि उच्चाधिकारियों जब रूपए मांगते हैं तो हम लोग कोई अपने वेतन से तो देंगे नहीं।

यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, सिस्टम द्वारा जच्चा-बच्चा की सुरक्षा से खिलवाड़ है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी फर्रुखाबाद डॉ अंकुर लाठर व सीएमओ से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

[responsivevoice_button voice="Hindi Male"]