एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग, किसानों का धरना, भारी पुलिस बल तैनात
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फर्रुखाबाद :- शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर सोमवार को सैकड़ों किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के जिला अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा के नेतृत्व में किसानों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के बाद किसानों ने रेलवे ट्रैफिक इंचार्ज को ज्ञापन सौंपकर ट्रेन संख्या 15040 और 15041 एक्सप्रेस का शमसाबाद स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित कराने की मांग की।किसानों ने कहा कि शमसाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए रेलवे आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण यात्रियों को दूसरे स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।

शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर किसानों का प्रदर्शन
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान शमसाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे। किसानों ने स्टेशन परिसर में धरना देकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के जिला अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने किया। किसानों ने रेलवे प्रशासन से मांग की कि शमसाबाद स्टेशन पर ट्रेन संख्या 15040 और 15041 एक्सप्रेस का नियमित ठहराव कराया जाए।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह मांग केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के आम यात्रियों को फायदा होगा। स्टेशन से रोजाना बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग शहरों के लिए यात्रा करते हैं।
किसानों ने कहा- हजारों यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि शमसाबाद रेलवे स्टेशन आसपास के क्षेत्र के लिए आवागमन का प्रमुख केंद्र है। यहां से किसान, व्यापारी, छात्र-छात्राएं, नौकरीपेशा लोग और मरीज नियमित रूप से यात्रा करते हैं।लोगों को फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर, लखनऊ, कायमगंज, कासगंज, पटियाली और मथुरा समेत कई शहरों में जाना पड़ता है।किसानों के मुताबिक, एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए दूसरे स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों को अधिक परेशानी होती है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि दोनों एक्सप्रेस ट्रेनों का शमसाबाद स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाता है तो क्षेत्र के हजारों लोगों को सीधे तौर पर राहत मिलेगी।
मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी
किसानों ने रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की जरूरत बताते हुए स्वास्थ्य सेवाओं का भी मुद्दा उठाया।उनका कहना है कि क्षेत्र से कई मरीजों को इलाज के लिए फर्रुखाबाद, कानपुर और लखनऊ जैसे शहरों की ओर जाना पड़ता है। ऐसे में तेज और सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिल सकती है।इसी तरह नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। रोजाना या नियमित रूप से यात्रा करने वाले लोगों को एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण अतिरिक्त समय लगाना पड़ता है।किसानों का कहना है कि रेलवे प्रशासन को स्थानीय यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी का दावा
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सिर्फ यात्रियों की सुविधा ही नहीं, बल्कि रेलवे के संभावित राजस्व का मुद्दा भी उठाया।किसानों का कहना है कि शमसाबाद स्टेशन पर दोनों एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू होने से यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। इससे रेलवे को अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है।उन्होंने रेलवे प्रशासन से क्षेत्र की आबादी, यात्रियों की संख्या और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संचालन व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।
रेलवे प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन रेलवे ट्रैफिक इंचार्ज राजा गुप्ता को दिया गया।किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से ट्रेन संख्या 15040 और 15041 एक्सप्रेस का शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित कराने की मांग की।उन्होंने रेलवे और केंद्र सरकार से जनहित में जल्द निर्णय लेने की अपील की। किसानों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र के लोग इस तरह की सुविधा की मांग कर रहे हैं और अब इस पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।किसान नेताओं ने कहा कि रेलवे प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से समस्या से अवगत करा दिया गया है। अब उन्हें उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी और रेलवे के उच्च अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित निर्णय करेंगे।किसानों की चेतावनी के बाद आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा के लिए पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल रहा तैनात
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए थे। धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नवाबगंज थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार, हल्का इंचार्ज जगराम सिंह सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।इसके अलावा जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी एवं जवान भी शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर तैनात रहे।पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की मौजूदगी में किसानों का प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया पूरी हुई।
अब रेलवे के फैसले पर टिकी नजर
शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर किसानों का यह प्रदर्शन क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्या को सामने लाता है। किसानों का तर्क है कि ट्रेन संख्या 15040 और 15041 का ठहराव होने से न सिर्फ किसानों और व्यापारियों बल्कि छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को भी सुविधा मिलेगी।फिलहाल किसानों ने रेलवे प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रख दी है। अब सभी की नजर रेलवे प्रशासन के अगले कदम पर है। यदि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो किसान संगठन अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी कर सकता है।शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की यह मांग अब सिर्फ किसानों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह क्षेत्र के हजारों यात्रियों की बेहतर रेल सुविधा और कनेक्टिविटी से जुड़ा मुद्दा बन गई है।
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