नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद बवाल: रात भर हाईवे रहा जाम, सुबह भीड़ पर आंसू गैस छोड़ी गई
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दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी बदले जाने के फैसले के बाद जिले की सियासत गरमा गई है। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार शाम दतिया-झांसी हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन पूरी रात जारी रहा। शनिवार तड़के पुलिस ने जाम हटाने की कार्रवाई की, जिसके दौरान आंसू गैस के गोले छोड़े गए। वहीं, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प तथा पथराव भी हुआ। टिकट घोषित होने के बाद से ही सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता दतिया-झांसी हाईवे पर जुट गए थे। वे रातभर ‘नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद’ और ‘टिकट वापस लो’ के नारे लगाते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक पार्टी अपना फैसला वापस नहीं लेगी, वे सड़क से नहीं हटेंगे।
शनिवार सुबह भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जाम समाप्त कराने का प्रयास किया। प्रशासन के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन ने इससे इनकार किया। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। मौके पर कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।
क्या बोले एसपी ?
एसपी ने कहा कि पुलिस ने किसी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया और स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने हाईवे से जाम हटवा दिया। इसके बाद दतिया-झांसी मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया।हालांकि, आंदोलनकारी कार्यकर्ता अब भी अपने रुख पर कायम हैं। उनका कहना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा ही दतिया की पहचान हैं और वे भाजपा प्रत्याशी बनाए गए आशुतोष तिवारी को स्वीकार नहीं करेंगे। एक कार्यकर्ता ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर टिकट नहीं बदला गया तो दोबारा हाईवे जाम किया जाएगा। बढ़ते विरोध को देखते हुए दतिया भाजपा जिला कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग भी की गई है।
भाजपा ने आशुतोष तिवारी को संगठन का मजबूत और संघनिष्ठ चेहरा बताते हुए उम्मीदवार बनाया है, लेकिन नरोत्तम समर्थकों का विरोध पार्टी के लिए चुनाव से पहले बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुआ चक्का जाम शनिवार सुबह लगभग 5 बजे तक चला। इसके कारण दतिया-झांसी हाईवे पर 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें कई बसें और एंबुलेंस भी फंस गईं।
क्या बोले कलेक्टर ?
कलेक्टर के मुताबिक, प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारी पथराव किया, जिसमें आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। एसपी और भांडेर के एसडीओपी को भी चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया। जवानों ने केवल सड़क पर लाठियां पटककर भीड़ को पीछे हटाया। कलेक्टर के अनुसार उपद्रवियों ने 5 से 6 ट्रकों के शीशे तोड़ दिए, कुछ वाहनों को पलट दिया, आग लगाने का प्रयास किया, एसडीओपी की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और एक पुलिस वाहन को भी पलट दिया।
कलेक्टर ने बताया कि उपचुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। मुरैना से दो अतिरिक्त कंपनियां, एक क्यूआरएफ कंपनी और सीआरपीएफ की 17 कंपनियां बुलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगे भी कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया गया तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। दतिया उपचुनाव नजदीक होने के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को कैसे संभालता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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