कायमगंज में जाम का झाम: मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़, जिम्मेदार बेखबर
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– तहसील से अस्पताल तक रोजाना लग रहा जाम, एंबुलेंस तक फंसने को मजबूर — अतिक्रमण, ई-रिक्शा और भारी वाहनों ने बिगाड़ी यातायात व्यवस्था
कायमगंज / फर्रूखाबाद :- तहसील कायमगंज, जुडिशियल मुंसिफ कोर्ट, सरकारी अस्पताल और कस्बा पुलिस चौकी के आसपास जाम की समस्या अब कोई एक-दो दिन की परेशानी नहीं, बल्कि रोजमर्रा की गंभीर समस्या बन चुकी है। हालात यह हैं कि तहसील से सरकारी अस्पताल तक सड़क पर अक्सर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। सबसे चिंताजनक स्थिति तब पैदा होती है, जब मरीजों को लेकर निकलने वाली एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है और कई बार आधे-आधे घंटे तक रास्ता साफ होने का इंतजार करना पड़ता है।
एक ओर सरकारी अस्पताल में मरीजों का आना-जाना लगा रहता है, वहीं दूसरी ओर कस्बा पुलिस चौकी, प्राथमिक विद्यालय और इंटर कॉलेज होने के कारण इस मार्ग पर दिनभर लोगों और वाहनों का भारी दबाव रहता है। ऐसे में जाम की समस्या कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
चौड़ी सड़क बनी अतिक्रमण की भेंट
कायमगंज में कभी चौड़ी दिखाई देने वाली सड़क अब अतिक्रमण की मार से लगातार सिकुड़ती जा रही है। सड़क के किनारे दुकानों और अन्य कब्जों के चलते आवागमन का रास्ता संकरा हो गया है।
नगर पालिका का पुराना नक्शा उपलब्ध न होने की बात भी सामने आती रही है, जिसके चलते यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि सड़क की वास्तविक सीमा कहां तक है। नतीजा यह है कि सरकारी चौड़ी सड़क अब तंग सड़क में तब्दील होती नजर आ रही है।
पुलिया से लेकर जमा मस्जिद तक फुटपाथ भी अतिक्रमण की चपेट में है। फुटपाथ पर कब्जे के कारण पैदल चलने वालों को भी सड़क पर उतरना पड़ता है, जिससे वाहनों का दबाव और बढ़ जाता है।
ई-रिक्शा और भारी वाहन भी बने परेशानी
नगर में लगातार बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या और मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही ने स्थिति को और विकट बना दिया है। सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहन और जहां-तहां सवारी बैठाने-उतारने वाले ई-रिक्शा जाम की समस्या को और बढ़ा देते हैं।
पुलिस बल की कमी भी बड़ी वजह
कस्बा चौकी में पर्याप्त पुलिस बल न होने से यातायात व्यवस्था संभालना भी चुनौती बन गया है। जाम के दौरान मौके पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी, होमगार्ड अथवा पीआरडी जवान नजर नहीं आते। ऐसे में वाहन चालक अपनी मनमानी करते हैं और कुछ ही देर में स्थिति जाम में बदल जाती है।
डिवाइडर पोल से मिल सकती है कुछ राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल से लेकर जमा मस्जिद तक प्रमुख स्थानों पर बीच-बीच में एक-दो डिवाइडर पोल लगाए जाएं और सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हटाया जाए तो जाम की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। साथ ही ई-रिक्शा के लिए व्यवस्थित स्टैंड और भारी वाहनों के आवागमन के लिए समय निर्धारित किए जाने की भी जरूरत है।
सवाल बड़ा है—कब जागेंगे जिम्मेदार ?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एंबुलेंस तक जाम में फंस रही हैं, स्कूल जाने वाले बच्चे रोजाना इस अव्यवस्था के बीच से गुजरने को मजबूर हैं और आम नागरिक घंटों जाम झेल रहे हैं, तो आखिर जिम्मेदार विभाग कब जागेंगे?
क्या कायमगंज के लोगों को इसी तरह जाम की झाम में फंसे रहना पड़ेगा, या प्रशासन, नगर पालिका और पुलिस मिलकर कोई स्थायी समाधान निकालेगी? समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
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