नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे 9616953133 / 8318645910,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , GST अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप, 12 सूत्रीय मांगें रखीं – V News Live24

V News Live24

Latest Online Breaking News

GST अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप, 12 सूत्रीय मांगें रखीं

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

फर्रुखाबाद :- उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश की जिला इकाई ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम संबोधित एक मांग पत्र उपायुक्त जीएसटी विभाग को सौंपा। संगठन ने व्यापारियों की जीएसटी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, विभागीय अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न और जीएसटी अधिनियम में संशोधन की मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में व्यापारियों और उद्योगपतियों के हित में 12 प्रमुख मांगें रखी गईं। संगठन ने कहा कि पूरा टैक्स जमा होने के बावजूद तकनीकी या मानवीय त्रुटियों के आधार पर मालवाहक वाहनों को रोककर भारी जुर्माना लगाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि 40 लाख रुपये से कम वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण से छूट प्राप्त है, इसलिए विभागीय अधिकारियों द्वारा लक्ष्य पूरा करने के लिए उन पर जबरन पंजीकरण का दबाव न बनाया जाए। साथ ही एसआईबी जांच या सर्वे के दौरान जांच पूरी होने से पहले व्यापारियों से जबरन टैक्स जमा कराने की कार्रवाई पर भी रोक लगाने की मांग की गई।
संगठन ने पंजीकृत व्यापारी की किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराने तथा पंजीकृत व्यापारियों को कार्य सुविधा के लिए लैपटॉप और आवश्यक सॉफ्टवेयर निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।

व्यापारियों ने जीएसटी के विलंब भुगतान पर लगने वाले 18 प्रतिशत ब्याज को घटाकर अधिकतम 6 प्रतिशत करने की मांग की। इसके अलावा जीएसटी अधिनियम के दंडात्मक प्रावधानों में संशोधन कर जेल की सजा समाप्त कर केवल आर्थिक दंड का प्रावधान रखने की अपील की।

ज्ञापन में तैयार तंबाकू पर 40 प्रतिशत और तंबाकू पत्ते पर 5 प्रतिशत जीएसटी की दरों में मौजूद विसंगति दूर करने की मांग भी की गई। संगठन का कहना है कि इससे स्थानीय उद्योग प्रभावित हो रहा है। साथ ही कच्चे माल पर अधिक और तैयार माल पर कम जीएसटी दर के कारण अटके टैक्स रिफंड पर व्यापारियों को 18 प्रतिशत ब्याज देने की भी मांग उठाई गई।

व्यापारियों ने लंबी दूरी के परिवहन के दौरान ड्राइवर द्वारा ई-वे बिल-2 जनरेट किए जाने पर व्यापारी को ‘डबल सेल’ मानकर कार्रवाई न करने, रिफंड रिटर्न दाखिल होने के बाद आयकर की तर्ज पर स्वतः खाते में राशि हस्तांतरित करने तथा देरी होने पर 18 प्रतिशत ब्याज देने की मांग की। इसके साथ ही पैकिंग मटेरियल पर मिलने वाली इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का पूरा लाभ व्यापारियों को उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कौशल, प्रदेश उपाध्यक्ष पवन गुप्ता, नगर अध्यक्ष एवं प्रदेश मंत्री अमित सेठ, महिला जिलाध्यक्ष रश्मि दुबे, युवा प्रदेश उपाध्यक्ष अमोल अग्रवाल, युवा प्रदेश मंत्री अतुल गुप्ता, जिला वरिष्ठ महामंत्री अभय कठेरिया, जिला उपाध्यक्ष लखपति बाबू सक्सेना, जिला ऑडिटर अनिल गंगवार, युवा जिलाध्यक्ष विशाल गुप्ता समेत संगठन के कई पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

[responsivevoice_button voice="Hindi Male"]